
Ayodhya Ram Mandir Donation Scam Investigation: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा गबन के मामले को लेकर पूरे देश की सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मामले में पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले जा रहे हैं और उनके द्वारा डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी की कोशिशें की जा रही हैं। इसके साथ ही, मुख्य आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों व निवेश (इन्वेस्टमेंट) की भी गहन जांच हो रही है। इस मामले में एसबीआई (SBI) कर्मचारियों, सेवादारों और ट्रस्ट के अधिकारियों से पूछताछ का सिलसिला जारी है; पहले ही दिन 43 से अधिक लोगों से सवाल-जवाब किए गए।
इस पूरे विवाद के बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम घसीटे जाने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्थक और राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर संगीत रागी ने राम मंदिर प्रबंधन का पुरजोर बचाव किया है।
एक चर्चा के दौरान संगीत रागी ने कहा कि यदि इस गबन में कोई कर्मचारी शामिल है या ट्रस्ट का कोई व्यक्ति दोषी है, तो दोनों के खिलाफ निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अब तक की जांच और चर्चाओं से जो बात सामने आई है, उसके मुताबिक पैसे गिनने वाले कुछ कर्मचारी इस हेराफेरी में शामिल थे। लेकिन इसके आधार पर अब जानबूझकर चंपत राय और राम मंदिर प्रबंधन के सभी शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जो कि पूरी तरह गलत है।
चंपत राय पर हो रहे हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संगीत रागी ने कहा कि चंपत राय का जीवन बेहद सादगीपूर्ण है। वे दो धोती और दो कमीज पहनने वाले एक निष्ठावान प्रचारक हैं। वे किसी ऐसे राजनेता या पहलवान के बेटे नहीं हैं, जिन्होंने राजनीति के दम पर अपने बेटे को 4 हजार करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति सुपुर्द (सौंप) कर दी हो। वे एक साधारण और ईमानदार व्यक्ति हैं, जिन्हें इस विवाद में घसीटना राजनीति से प्रेरित है।
हिंदू धर्म सेना के प्रमुख और पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने राम मंदिर से दान की रकम कथित तौर पर चोरी होने के मामले में पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने यह शिकायत राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन के SHO को दी। कारसेवक संतोष दुबे ने चंपत राय समेत 4 लोगों पर चढ़ावा चोरी के संगीन आरोप लगाए हैं।
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