
तेलंगाना की कांग्रेस सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजरुद्दीन ने कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फॉर्म 7 का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है।
उन्होंने इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
अजहरुद्दीन ने कहा कि शुक्रवार को तेलंगाना के मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र में आरोप सामने आए कि फॉर्म 7 के आवेदनों के जरिए कई अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हटवाने की कोशिश हुई। उन्होंने बताया कि इस मामले में बूथ लेवल एजेंटों को हिरासत में भी लिया गया है। आरोप है कि 30 से ज्यादा लोगों के नाम हटाने के लिए आवेदन दिए गए थे। उनका कहना है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मीडिया एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान रेवंत सरकार में मंत्री अजहरुद्दीन ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की कमान संभालने के बाद से SIR में समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि जब से ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयोग की कमान संभाली, तब से गलतियां सामने आने लगी हैं। यह बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है। अगर वे बार-बार गलतियां कर रहे हैं। वह अपने सहयोगियों की सुझाव नहीं मान रहे हैं तो यह गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार बार-बार गलत कर रहे हैं तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
अजहरुद्दीन ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इसी तरह आयोग का नेतृत्व करते रहे, तो SIR में और ज्यादा अल्पसंख्यक वोट सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर यही चलता रहा तो देश में हालात ऐसे ही रहेंगे और अल्पसंख्यकों के और ज्यादा वोट कटेंगे। जैसा आपने बताया, 13 करोड़ से ज्यादा वोट हट चुके हैं और यह आंकड़ा इससे भी ऊपर जा सकता है। अगर वे पद पर बने रहते हैं, तो मेरा मानना है कि उन्हें जल्द से जल्द इस्तीफा दे देना चाहिए।
इससे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 9 सितंबर को तेलंगाना में SIR के दौरान नाम हटाए जाने पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए चार हफ्ते का और समय मांगा था। ओवैसी के मुताबिक कारवां विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,00,223 लोगों को नोटिस मिले हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने एक दिन पहले 21 दिन की मोहलत दी थी, लेकिन यह काफी नहीं है और इसे कम से कम चार हफ्ते और बढ़ाया जाना चाहिए।
मंगलवार को ओवैसी ने हैदराबाद के कारवां क्षेत्र के कई SIR केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के छह या उससे ज्यादा बच्चे हैं, उन्हें नोटिस भेजे गए हैं। दौरे के बाद उन्होंने नोटिस पाने वाले मतदाताओं से अपील की कि वे जानकारी और मदद के लिए AIMIM के हेल्प डेस्क या अपने इलाके के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क करें।