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पूर्व मुख्यमंत्री की बहू से मूर्ति विसर्जन के दौरान बदसलूकी, ड्राइवर को भी लोगों ने जमकर पीटा, जानें पूरा मामला

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की बहू प्रीति किस्कू और उनके ड्राइवर के साथ हजारीबाग में बदसलूकी और मारपीट हुई। यह घटना दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई। पुलिस ने पूजा समिति के पदधारकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है

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Oct 03, 2025
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी। (फोटो- IANS)

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की बहू प्रीति किस्कू और उनके ड्राइवर के साथ हजारीबाग में बदसलूकी और मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना में प्रीति किस्कू के ड्राइवर को गंभीर चोटें भी लगी है।

यह घटना दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई। प्रीति की शिकायत पर पुलिस ने पूजा समिति के पदधारकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

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गिरिडीह से रांची लौट रही थीं प्रीति किस्कू

जानकारी के अनुसार, गुरुवार की देर शाम प्रीति किस्कू गिरिडीह से रांची लौट रही थीं। रास्ते में उनकी गाड़ी हजारीबाग के अमृत नगर स्थित पूजा पंडाल के पास प्रतिमा विसर्जन जुलूस में फंस गई। ड्राइवर ने भीड़ से रास्ता खाली करने की गुजारिश की, लेकिन इसी दौरान कहासुनी बढ़ गई।

आरोप है कि जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने ड्राइवर पर हमला कर उसे बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। इस बीच जब बाबूलाल मरांडी की बहू प्रीति बीच-बचाव करने उतरीं तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ।

प्रीति किस्कू ने खुद पुलिस को बयान दिया

उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें धक्का-मुक्की का भी सामना करना पड़ा। घटना के बाद प्रीति किस्कू ने खुद पुलिस को बयान दिया और पूरे घटनाक्रम का विवरण दर्ज कराया।

मामले में हजारीबाग मुफस्सिल थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पूजा समिति के सभी पदाधिकारियों को आरोपित बनाया गया है।

थाना प्रभारी ने घटना पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि बयान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चूंकि यह मामला विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के परिवार से जुड़ा है, इसलिए इसकी राजनीतिक गूंज भी सुनाई देने लगी है। भाजपा समर्थक इस घटना को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।

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