
S Jaishankar in France (Photo: IANS)
S Jaishankar in France: फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बदलते भू-राजनीतिक माहौल के बीच सुरक्षित और भरोसेमंद ट्रेड रूट की जरूरत पर जोर देते हुए इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को अहम बताया है।
जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों ने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन की संवेदनशीलता को उजागर किया है। ऐसे में सुरक्षित, स्थिर और वैकल्पिक व्यापार मार्गों का विकास अब समय की जरूरत बन गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजबूत कनेक्टिविटी वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिए जरूरी है।
विदेश मंत्री ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को भविष्य की महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि यह भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच व्यापारिक संपर्क को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर न केवल आर्थिक सहयोग बढ़ाएगा, बल्कि सप्लाई चेन को भी अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाएगा।
पेरिस प्रवास के दौरान जयशंकर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। इस बैठक में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने पेरिस स्थित स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर का दौरा किया और कहा कि यह केंद्र भारतीय कला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्थान दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करेगा।
जी-7 बैठक में भारत की सक्रिय भागीदारी उसके बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। IMEC और सुरक्षित ट्रेड रूट जैसे मुद्दों को उठाकर भारत ने यह संकेत दिया है कि वह वैश्विक आर्थिक स्थिरता और कनेक्टिविटी को लेकर गंभीर और जिम्मेदार भूमिका निभाने को तैयार है।
Published on:
28 Mar 2026 04:20 pm
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