तेलंगाना में एक लड़की पिछले 9 साल से बिना नाम के रह रही थी। इसका कारण उसके माता-पिता की एक खास इच्छा थी, जिसके बारे में जानने के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री के॰ चंद्रशेखर राव ने बच्ची का नामकरण किया। इसके साथ ही बच्ची की पढ़ाई के लिए उन्होंने मदद किया।
तेलंगाना के भूपालपल्ली जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 9 साल तक एक बच्ची को अपने नाम के लिए इंतजार करना पड़ा। आमतौर पर बच्चा जब मां की कोख में होता है तभी से माता-पिता, परिवार वाले और सगे-संबंधी नाम के बारे में चर्चा करने लगते हैं। वहीं बच्चे के पैदा होने के बाद विधि-विधान के अनुसार नामकरण किया जाता है, लेकिन तेलंगाना में इसके एक दम उल्टा देखने को मिला है। यहां साल 2013 में पैदा हुई लड़की का बीते दिन रविवार यानी कि 18 सितंबर को नामकरण हुआ, जो राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने किया। मुख्यमंत्री ने बच्ची का नाम 'महती' रखा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बच्ची के माता 'अनीता' और पिता 'सुरेश' स्वागत करते हुए आशीर्वाद दिया और गिफ्त के रूप में कपड़े दिए। इसके साथ ही बच्ची के बढ़ाई के लिए CM केसीआर ने आर्थिक मदद की पेशकश भी की।
आधिकारिक दस्तावेजों में अब तक लिखवाया था घरेलू नाम
9 साल तक नाम अपने नाम का इंतजार करने वाली बच्ची कक्षा 5वीं की छात्रा है। बच्ची के माता-पिता ने बताया कि आज तक उन्होंने अपनी बच्ची का नाम आधिकारिक दस्तावेजों में एक घरेलू नाम 'चिट्टी' लिखवाया है। CM केसीआर से नामकरण होने के बाद बच्ची व उसके माता-पिता काफी खुश दिखाई दिए। बच्ची के माता-पिता ने नामकरण करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
अलग राज्य के आंदोलन में सक्रिय रूप से बच्ची के माता-पिता ने लिया भाग
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार बच्ची के माता-पिता अनीता और सुरेश ने तेलंगाना के लिए अलग राज्य के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। वहीं जब 2013 में उनकी बच्ची पैदा हुई तो उनकी इच्छा थी कि बच्ची का नाम केसीआर रखें, उनकी यह इच्छा अब जाकर 9 साल बाद पूरी हुई है।
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