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बद्रीनाथ मंदिर दान चोरी मामला: CCTV में कैश जेब में रखने का दावा, पूर्व अधिकारी से SIT ने की पूछताछ

Badrinath Temple Donation Case: बद्रीनाथ और अयोध्या राम मंदिर में दान-चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच तेज है। SIT और पुलिस लगातार पूछताछ, CCTV जांच और सबूत जुटाकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में जुटी हैं।
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Jul 17, 2026
badrinath tempal
बद्रीनाथ मंदिर दान चोरी मामला (सोर्स: ANI)

Ram Mandir-Badrinath Temple Donation Case Update: देश के दो बड़े धार्मिक स्थलों से जुड़े दान मामलों की जांच तेज हो गई है। उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर और अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी को लेकर जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। CCTV फुटेज, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर कई अहम पहलुओं की जांच चल रही है। हालांकि सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं।

बद्रीनाथ मंदिर में पूर्व अधिकारी से पूछताछ

बद्रीनाथ मंदिर समिति से जुड़े दान मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। इसी सिलसिले में टीम ने बद्रीनाथ मंदिर का दौरा किया। इसके बाद पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान से पूछताछ की गई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, राजेंद्र चौहान इस हेराफेरी मामले में शामिल हैं। दावा किया गया है कि CCTV फुटेज में वह 22 जून, 25 जून और 29 जून को कैश के बंडल उठाकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर उनसे कई सवाल पूछे गए। फिलहाल जांच जारी है और SIT सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

राम मंदिर दान मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज

वहीं अयोध्या में राम मंदिर के दान से जुड़े कथित गबन मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने दो आरोपियों, टीनू यादव और मनीष यादव की सात दिन की पुलिस रिमांड की मांग कोर्ट से की है। पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी साजिश समझने और पैसों के लेन-देन का पता लगाने के लिए कस्टडी में पूछताछ जरूरी है।

इससे पहले कोर्ट ने दो अन्य आरोपियों, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को 14 घंटे की पुलिस रिमांड दी थी। दोनों से दिनभर पूछताछ की गई। अब तक इस मामले में कई आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है। वहीं कोर्ट ने सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

SIT रिपोर्ट में सामने आए शुरुआती संकेत

राम मंदिर मामले की जांच कर रही SIT जल्द अपनी अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप सकती है। शुरुआती रिपोर्ट में कई अहम बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच CCTV में करीब 70 संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। कुछ फुटेज में कैश गिनने वाले कर्मचारियों को कथित रूप से नोटों की गड्डियां छिपाते हुए देखा गया।

रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था की कई कमियों का भी जिक्र है। बताया गया कि एंट्री और एग्जिट पर तलाशी की व्यवस्था नहीं थी। निजी सामान की जांच भी ठीक से नहीं होती थी। कई दान पेटियों का कैश एक साथ गिना जाता था, जिससे निगरानी मुश्किल हो जाती थी।

जांच से पहले कुछ कर्मचारियों से करीब 78.94 लाख रुपये बरामद होने का भी जिक्र किया गया है। वहीं 4 जून को कैश काउंटिंग रूम से जुड़े बाथरूम से 2.25 लाख रुपये मिलने का दावा किया गया। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल चांदी की ईंटों या अन्य कीमती सामान के गायब होने के दावों के समर्थन में SIT को शुरुआती जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। अब सभी की नजर अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

Updated on:
17 Jul 2026 02:44 pm
Published on:
17 Jul 2026 02:43 pm