
Bankipur By Election: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले एक ऐसा सियासी हाई-ड्रामा देखने को मिला है जिसने सबको चौंका दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ 'बंटी' ने शुक्रवार शाम को अचानक पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया। शुरुआत में इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब इसके पीछे की असली पारिवारिक वजह खुलकर सामने आ गई है, जिसका सीधा कनेक्शन बिहार के चर्चित चारा घोटाले से जुड़ा है।
नामांकन वापस लेने के बाद अभिषेक सिन्हा के पिता रविंदर प्रसाद ने मीडिया के सामने आकर एक बड़ा और चौंकाने वाला कबूलनामा किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि चारा घोटाला पूरी तरह सच है। कोर्ट द्वारा दी गई सजा भी सही है और मैं फिलहाल हाईकोर्ट में अपील करने के बाद जमानत पर बाहर हूं। लेकिन इसमें मेरे बेटे का कोई दोष नहीं है, वह बिल्कुल बेकसूर है। हाईकोर्ट में 11 से 11.5 लाख रुपये का मामला दर्ज है। मेरे बेटे (अभिषेक) ने केवल अपने माता-पिता के सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा करने के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ली है।
गौरतलब है कि भाजपा ने अभिषेक की सहमति के बाद 7 जुलाई को उनके नाम की घोषणा की थी। उन्होंने 9 जुलाई को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया था, लेकिन महज दो दिन बाद उन्होंने कदम पीछे खींच लिए। अभिषेक पिछले 26 वर्षों से भाजपा से जुड़े रहे हैं और उन्हें इस क्षेत्र का एक मजबूत चेहरा माना जा रहा था।
इस पूरे घटनाक्रम पर जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। बांकीपुर उपचुनाव से अपने चुनावी सफर की शुरुआत करने जा रहे प्रशांत किशोर ने इसे लोकतंत्र की ताकत करार दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही क्षेत्र के लोग जाति, धर्म और दलीय राजनीति से ऊपर उठकर खड़े हुए, भाजपा जैसी बड़ी पार्टी के नेता मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए। जिस क्षेत्र को कल तक भाजपा का अभेद्य किला कहा जाता था, आज वहां पार्टी को नया उम्मीदवार ढूंढने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।