भारत के टॉप भगोड़े विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के मामलों में बैंकों को 18000 करोड़ रुपए की राशि लौटा दी गई है। यह जानकारी बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने देश की सर्वोच्च अदालत को दी।
देश का करोड़ों का पैसा लेकर भागे नीरव मोदी, विजय माल्या और मेहुल चोकसी से अब तक कितनी रकम वसूल ली गई है केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को इसके बारे में जानकारी दी। केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे तुषार मेहता ने बताया कि विजय माल्या, मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के फ्रॉड केस में अब तक करीब 18,000 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। इन तीनों भगोड़ों ने PMLA एक्ट के अंतर्गत कारवाई के बाद भारतीय बैंकों को 18 हजार करोड़ रुपए की राशि लौटाई है और यह पैसा भारतीय बैंकों के पास आ चुका है।
सरकार का पक्ष रख रहे तुषार मेहता ने जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि, सुप्रीम कोर्ट में धनशोधन निवारण कानून से जुड़े कुल मामलों में 67000 करोड़ रुपये मूल्य के आर्थिक अपराध शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट पीएमएलए (PMLA) के तहत अपराध की आय की तलाशी, जब्ती, जांच और कुर्की के लिए प्रवर्तन निदेशालय को उपलब्ध शक्तियों के व्यापक दायरे को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली बेंच के अन्य सदस्य जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार हैं।
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मेहता ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) मौजूदा समय में 4,700 मामलों की जांच कर रहा है। उन्होंने बताया कि गत पांच साल के दौरान ईडी के द्वारा जांच के नये मामले वर्ष 2105-16 के 111 मामले से 2020-21 के 981 मामले के दायरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट ईडी को पीएमएलए के तहत प्राप्त शक्तियों के वृहद दायरे को चुनौती देती याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। ईडी को पीएमएलए के तहत जांच, जब्ती, सर्च और संपत्ति जब्त करने का अधिकार है।