मुंबई. पूरी दुनिया में हिंदी भले ही दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है, मगर भारत में इसे लेकर विवाद होते रहते हैं। गांजे के साथ जुलाई, 2019 में मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार हैदराबाद निवासी गंगम सुधीर कुमार रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। रेड्डी का कहना है कि जेल में उसके अधिकारों की जानकारी हिंदी में दी गई। चूंकि मुझे हिंदी नहीं आती, इसलिए जमानत मिलनी चाहिए। बांबे हाई कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि तुम टूर एंड ट्रैवेल बिजनेस चलाते हो। तुम्हें हिंदी आनी चाहिए। हिंदी राष्ट्रीय भाषा है। यह आदेश जस्टिस नितिन सांबरे ने नवंबर, 2019 में जारी किया था। रेड्डी ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की है। याचिकाकर्ता ने बताया है कि वह तेलंगाना का रहने वाला है। तेलगू भाषा अच्छी तरह जानता है। जानकारी उसकी भाषा में न देना संविधान के अनुसार उसके अधिकारों का उल्लंघन है। उसका यह भी कहना है कि भारत में कोई राष्ट्र भाषा नहीं है। यहां केवल राज भाषाएं हैं।