
Rahul Gandhi Patriarchy Remark : नई दिल्ली। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने 22 अगस्त को राहुल गांधी द्वारा दिए गए पितृसत्ता को खत्म करो वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं के दोहरे रवैये पर निशाना साधा।
बांसुरी स्वराज ने मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी देश में एक नया झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी से मैं पूछना चाहती हूं कि क्या 'पितृसत्ता को खत्म करने' का नारा सिर्फ पुणे के मंच तक ही सीमित है? क्या आप अपनी कांग्रेस पार्टी के भीतर राजनीतिक पितृसत्ता नहीं चलाते? उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास न तो कोई विजन है और न ही कोई सकारात्मक एजेंडा। उनकी रिसर्च टीम जो कागज पर लिखकर देती है, उसी का इस्तेमाल कर वे देश के युवाओं और मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।
बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस पार्टी के ट्रैक रिकॉर्ड और रिपोर्ट कार्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पितृसत्ता को खत्म करना है, तो इसकी शुरुआत कांग्रेस पार्टी से ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुणे में यह बयान देने से ठीक 10 दिन पहले राहुल गांधी खुद संदीप दीक्षित के साथ मित्र देश इटली की महिला प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर किए गए बेहद आपत्तिजनक मजाक में शामिल थे।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि जब मंडी से सांसद कंगना रनौत को भाजपा का टिकट मिला, तो कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया अकाउंट से बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। अप्रैल 2024 में कैथल की एक रैली में हरियाणा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने तत्कालीन भाजपा उपाध्यक्ष और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद सुरजेवाला पर 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार का प्रतिबंध भी लगा। बांसुरी स्वराज ने कहा कि इन दोनों घटनाओं के समय राहुल गांधी ने 'पितृसत्ता' को खत्म करने की बात नहीं की और चुप्पी साधे रखी।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष को ऐसे बयान देना शोभा नहीं देता। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी अब सिर्फ अपने बयानों की 'मीम' और 'रील' वैल्यू बनाने के लिए राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के पाखंड को उजागर करने की बात कही।