
Gandak River (Photo-X/@SadanJee)
Nepal Flood Bihar Alert: पटना। नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए हैं। बराज पर अधिकारियों की टीम तैनात कर दी गई है और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
जल संसाधन विभाग के अनुसार नेपाल के रसुवा जिले में बाढ़ से तबाही के बाद बिहार की गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ गया। यह नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करती है। नदी में करीब 3 मीटर तक जलस्तर बढ़ने की सूचना है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका है। इसी को देखते हुए विभाग ने अलर्ट जारी किया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से दोपहर 12 बजे 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नेपाल में भारी बारिश और ग्लेशियर फटने की घटनाओं के बाद बिहार में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने स्थिति की समीक्षा की और राज्य सरकार को संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव दलों को तत्काल प्रभावित इलाकों में भेजने की तैयारी है।
गंडक नदी में संभावित बढ़े हुए जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण के बेतिया और बगहा में विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूर्वी चंपारण के मोतिहारी, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। सीतामढ़ी और शिवहर में भी संभावित बाढ़ को देखते हुए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। मुजफ्फरपुर जिले के पारू, सरैया और साहेबगंज प्रखंडों को विशेष रूप से संवेदनशील माना गया है। इन इलाकों में गंडक नदी के बढ़े जलप्रवाह से बाढ़ और नुकसान की आशंका जताई गई है।
जल संसाधन विभाग ने वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की टीम तैनात कर दी है। नदी के जलस्तर और बराज में आने वाले पानी की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में आवश्यक संसाधन तैयार रखने और किसी भी स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
Updated on:
26 Aug 2026 06:47 pm
Published on:
26 Aug 2026 06:41 pm
