
Delhi Blasts: दिल्ली कार ब्लास्ट के फिदायीन हमलावर डॉ. उमर मोहम्मद नबी हमले को अंजाम देने से 14 दिन पहले पुलवामा स्थित अपने घर गया था। यहां उसने अपने दो मोबाइल फोन में से एक अपने भाई जहूर इलाही को दिया था। उसने अपने भाई को मोबाइल देते वक्त कहा था कि यदि मेरे बारे में कोई भी खबर आए तो पानी में फेंक देना। इसी फोन से उमर का आखिरी वीडियो मिला था। जिसमें उसने फिदायीन हमले को शहादत का ऑपरेशन बताया।
जहूर ने NIA की पूछताछ में बताया कि उमर ने उसे 26 से 29 अक्टूबर के बीच फोन दिया था। 9 नवंबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी से उमर के साथियों की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही उसने घबराकर फोन घर के पास एक तालाब में फेंक दिया था। बाद में तलाब से फोन बरामद हुआ था। इसके बाद एक्सपर्ट्स ने मोबाइल से डेटा रिकवर किए। इसमें उमर का आखिरी वीडियो मिला।
दिल्ली की एक अदालत ने अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी को 13 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे उचित आधार मौजूद हैं, जो बताते हैं कि सिद्दीकी बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, फर्जी मान्यता और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हैं। मामले की सुनवाई के दौरान ED के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि जांच शुरुआती चरण में है और उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। एजेंसी ने कस्टोडियल पूछताछ की मांग करते हुए कहा कि अगर सिद्दीकी को हिरासत में न लिया गया, तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या डिजिटल व वित्तीय रिकॉर्ड नष्ट करवा सकते हैं।
डॉ. उमर ने दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुंडई i20 कार से आत्मघाती धमाका किया था। इससे 15 लोगों की मौत हुई थी और 20 से ज्यादा घायल हुए थे। मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, इसमें से 5 डॉक्टर हैं। ये सभी डॉक्टर व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं। इस मॉड्यूल का संबंध जैश ए मोहम्मद से बताया जाता है।