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पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, पूर्व विधायक रमिंदर सिंह अकाली दल में हुए शामिल

Raminder Singh Awla: कांग्रेस के पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला कांग्रेस छोड़कर शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए हैं।
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चंडीगढ़ पंजाब

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Gajanand Prajapat

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Updated: 25 Oct 2026, 3:48 PM IST

Former MLA Raminder Awla joins SAD

SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला (फोटो-IANS)

Punjab Politics: पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी को एक झटका लगा है। पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला ने कांग्रेस छोड़ शिरोमणि अकाली दल (SAD) का दामन थाम लिया है। अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उनके इस कदम का स्वागत किया। साथ ही इस फैसले को पार्टी के लिए बहुत फायदेमंद बताया।

25 सीटें होंगी प्रभावित

जलालाबाद के पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला कांग्रेस छोड़ने और SAD में शामिल होने को लेकर प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने कहा कि आज से प्रदेश की 25 विधासनभा सीटों पर असर पड़ेगा। इससे आगामी चुनाव में पार्टी को फायदा होगा।

अकाली दल में आवला का स्वागत

SAD में शामिल होने पर अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके उनका पार्टी में औपचारिक स्वागत किया। बादल ने कहा कि रमिंदर आवला के आने से जलालाबाद और आसपास के पूरे बॉर्डर इलाके में अकाली दल को बहुत मजबूती मिलेगी।

जलालाबाद सीट का गणित

जलालाबाद विधानसभा सीट का पंजाब की राजनीति में खास महत्व है। सुखबीर सिंह बादल खुद इस सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। साल 2019 के उपचुनाव में रमिंदर सिंह आवला ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और अकाली दल के उम्मीदवार राज सिंह डिब्बीपुरा को 16,000 से अधिक वोटों से हराया था। आवला को उस चुनाव में 76,098 वोट मिले थे। फिरोजपुर जिले में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है, जिससे अकाली दल को जलालाबाद और गुरु हर सहाय दोनों सीटों पर फायदा मिलने की उम्मीद है।

आगामी चुनाव और गठबंधन की हलचल

पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। चुनाव से ठीक पहले आवला का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। अकाली दल के फिर से एनडीए में शामिल होने की चर्चाएं भी चल रही हैं। सुखबीर सिंह बादल ने भी हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है, जबकि उन्होंने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस दोनों पर जमकर निशाना साधा।