
Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनावों के लिए मतदान होगा। वोटिंग से पहले चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर मीडिया कवरेज के लिए नियम जारी किए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान केंद्रों पर मीडियाकर्मियों के प्रवेश को पीठासीन अधिकारियों द्वारा सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने कहा कि प्राधिकरण पत्रों का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग सख्त वर्जित है। मतदान कक्ष के अंदर फोटोग्राफी/वीडियो रिकॉर्डिंग सख्त बैन है, ताकि मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन न हो। भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने कहा कि चुनाव संचालन नियम 1961 के नियम 32 के अनुसार, मतदान केंद्रों में मीडिया के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए पीठासीन अधिकारी ही सक्षम प्राधिकारी होंगे। मीडियाकर्मियों द्वारा इस प्रकार के प्रवेश के लिए प्राधिकरण पत्र जारी करने के लिए अनुरोध प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को राज्य सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के माध्यम से किया जा सकता है।
चुनाव आयोग ने कहा कि जांच और वेरिफिकेशन (Verification) के बाद ही मीडियाकर्मियों को मतदान केंद्रों पर जाने की अनुमति होगी। आयोग द्वारा मीडिया पास CEO/DEO या किसी अधिकृत अधिकारी द्वारा विधिवत प्रमाणीकरण के बाद ही जारी किया जाता है। प्रामाणिकता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की प्रतिलिपि या रबर स्टैम्प का उपयोग नहीं किया जाएगा। केवल विधिवत सत्यापित और अधिकृत कर्मियों को ही मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनाव वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश और उनके बॉर्डर वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), DGP और सीनियर ऑफिसर के साथ-साथ प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख के साथ रिव्यू मीटिंग की हैं। ECI ने सभी अधिकारियों को हिंसा-मुक्त, धमकी-मुक्त और लालच-मुक्त चुनाव कराने का निर्देश दिया है।