
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल। ( फोटो: ANI)
Sustainability: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने संसदीय क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पौधारोपण कर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। इस विशेष मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की दिल खोल कर तारीफ की। पीयूष गोयल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस मुहिम ने न केवल देश के नागरिकों को प्रकृति के प्रति जागरूक किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और साख को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
केंद्रीय मंत्री ने मीडिया के सामने अपने इस अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर उन्होंने सबसे पहले तिरुपति बालाजी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने वहां अपनी पूजनीय माता जी की स्मृति में एक पौधा लगाया। अपने निर्वाचन क्षेत्र में लौटकर भी उन्होंने कई जगह पेड़ लगाए। गोयल ने कहा कि पीएम मोदी ने पर्यावरण की रक्षा को एक बेहद भावुक और पारिवारिक अभियान में बदल दिया है, जिससे देश का हर व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में सीधे तौर पर प्रकृति से जुड़ रहा है।
दूसरी तरफ, विश्व पर्यावरण दिवस के ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत शहर से देश और राज्य सरकार की कुल 24 विकास परियोजनाओं का शानदार आगाज किया। दक्षिण गुजरात की आर्थिक और सामाजिक रफ्तार को बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने कुल 18,778 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सूरत के दीनदयाल उपाध्याय इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित कई वरिष्ठ मंत्री और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सूरत के निवासियों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सूरत सिर्फ कंक्रीट का शहर नहीं है, बल्कि यह विपरीत परिस्थितियों से लड़कर जीतने वाली एक 'आत्मा' है। एक दौर ऐसा था जब सूरत ने भयंकर महामारी जैसी बड़ी विपदा का सामना किया था, लेकिन आज वही शहर अपनी लगन के कारण पूरे देश के लिए स्वच्छता और नवीकरणीय ऊर्जा (हरित ऊर्जा) का सबसे बड़ा रोल मॉडल बनकर सामने आया है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि साफ-सफाई को देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी दिनचर्या और जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि दक्षिण गुजरात में इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, सड़क और उद्योगों से जुड़े ये नए प्रोजेक्ट न केवल औद्योगिक विकास को गति देंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।
सोशल मीडिया पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटीज तक अपनी मां के साथ तस्वीरें शेयर कर पेड़ लगा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पेड़ को 'मां' के नाम से जोड़ने के कारण अब लोग इन पौधों की देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करेंगे, जिससे इनके जीवित रहने की दर बढ़ेगी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय इस मानसून सीजन में इस अभियान को देश के हर गांव और कस्बे तक पहुंचाने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार कर रहा है। इसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों और स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि रिकॉर्ड संख्या में पौधारोपण किया जा सके और उनकी डिजिटल ट्रैकिंग हो सके।
कभी प्लेग की बीमारी से प्रभावित होने वाला सूरत आज भारत के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर है। रीसाइक्लिंग, वेस्ट-टू-एनर्जी (कचरे से बिजली) और सोलर पैनल के इस्तेमाल में सूरत ने जो सफलता हासिल की है, वह देश के अन्य नगर निगमों के लिए एक बेहतरीन केस स्टडी बन गई है।
Updated on:
06 Jun 2026 04:14 pm
Published on:
06 Jun 2026 04:13 pm
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