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ममता बनर्जी की TMC पर समिक भट्टाचार्य का तंज, कहा- ‘किस तृणमूल कांग्रेस की बात कर रहे हो?’

West Bengal By-Elections: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के खेमे पर निशाना साधा है।
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Trinamool Congress
समिक भट्टाचार्य और ममता बनर्जी (फोटो-IANS)

TMC Name Dispute: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले TMC को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी के नाम और पुराने चुनाव चिन्ह को लेकर पश्चिम बंगाल के BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के खेमे पर सीधा हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस की स्थिति पर सवाल करने पर कहा कि तृणमूल कांग्रेस का कोई आधार नहीं बचा है। न तो इसका कोई चुनाव चिह्न है, न ही कोई बैंक खाता और न ही कोई नाम। ऐसे में किस तृणमूल की बात कर रहे हैं? उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद चल रहा है।

रेजीनगर में हुआ बड़ा यू-टर्न

रेजीनगर में ममता खेमे के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले चुनाव से हटने का फैसला किया था। उन्होंने नए चुनाव चिन्ह और कार्यकर्ताओं पर दबाव जैसी परेशानियों का हवाला दिया। हालांकि, करीब तीन घंटे बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया और चुनाव लड़ने का ऐलान किया। इसके बाद रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव पर TMC नेता कुणाल घोष ने मतदाताओं से अपील करी। उन्होंने कहा कि रेजीनगर में जो हो रहा है, वह BJP के खिलाफ लड़ाई है। अगर कोई BJP को हराना चाहता है तो उसे सीधे ममता बनर्जी वाली नई पार्टी फुटबॉल खिलाड़ी वाले चुनाव चिह्न पर वोट देना चाहिए।

रेजीनगर में भी कई उम्मीदवार मैदान में

रेजीनगर में ममता खेमे के रबीउल आलम चौधरी के अलावा BJP के सखारव सरकार, AJUP के गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन, कांग्रेस के मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कफी और CPI(M) के सैयद असद अली मैदान में हैं। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम मंडल की गिरफ्तारी ने भी चुनावी माहौल को चर्चा में ला दिया है। इस पर कुणाल घोष का कहना है कि यह सब BJP का एंटी-बीजेपी वोटों को बांटने का जाल है।

नंदीग्राम में उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

नंदीग्राम में ममता खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता खेमे ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया।

TMC के नाम-चिन्ह पर क्या हुआ?

चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और पुराने ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया है। इसके बाद ममता बनर्जी के खेमे को नए नाम और चुनाव चिन्ह के साथ उपचुनाव में उतरना पड़ रहा है। ममता खेमे को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया गया है।

Updated on:
20 Sept 2026 08:46 pm
Published on:
20 Sept 2026 08:46 pm