Election Results:पश्चिम बंगाल चुनाव के रुझानों में भाजपा की शानदार बढ़त पर सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि बंगाल को बांग्लादेशियों से आजादी मिल गई है। उन्होंने टीएमसी की तुलना आम आदमी पार्टी से करते हुए कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
Landslide Victory : पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों में भाजपा की मजबूत स्थिति को देखते हुए पार्टी के दिग्गज नेता और सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य की राजनीति पर बड़ा हमला बोला है। सोमवार को सामने आए रुझानों में भाजपा की शानदार बढ़त पर उन्होंने दावा किया कि बंगाल अब 'बांग्लादेशी घुसपैठियों' और टीएमसी के चंगुल से आजाद हो गया है। दुबे के इस बयान ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
निशिकांत दुबे ने तीखे शब्दों में कहा, "टीएमसी पूरी तरह खत्म हो चुकी है, ठीक वैसे ही जैसे आम आदमी पार्टी (AAP) का ग्राफ नीचे गिरा है।" उन्होंने कहा कि अब टीएमसी के तमाम सांसद और विधायक भाजपा की ओर रुख करेंगे। दुबे ने यह भी जोड़ा कि अब भाजपा यह तय करेगी कि उनमें से किसे पार्टी में शामिल करना है और किसे नहीं। यह बयान टीएमसी नेतृत्व के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
सांसद दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जम कर तारीफ करते हुए कहा कि पीएम ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस सपने को पूरा कर दिया है, जिसके लिए उन्होंने जनसंघ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा, "अनुच्छेद 370 को हटाना और बंगाल को बांग्लादेशियों के चंगुल से आजाद कराना मुखर्जी का सपना था, जिसे आज मोदी सरकार ने साकार कर दिया है।"
वहीं, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी चुनाव परिणामों पर उत्साह जताते हुए कहा, "भाजपा 180 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाने जा रही है।" टीएमसी की खराब स्थिति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "रोने दीजिए, काम खत्म… पूरा खत्म।" उन्होंने दावा किया कि इस बार बंगाल के सभी हिंदू मतदाता एकजुट होकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े हुए हैं।
चुनावी हलचल के बीच ममता बनर्जी के मतगणना केंद्र पहुंचने की भी चर्चा रही। भाजपा एजेंटों ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बिना आईडी कार्ड और मोबाइल फोन के अंदर दाखिल हुईं, जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।
विश्लेषकों का मानना है कि निशिकांत दुबे का यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि टीएमसी के गिरते जनाधार पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति है। यदि ये रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो बंगाल की राजनीति एक बड़े 'जेनरेशनल शिफ्ट' की ओर बढ़ सकती है। निशिकांत दुबे के बयान के बाद टीएमसी खेमे में खामोशी है, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोलकाता की सड़कों पर जश्न मनाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर #BengalVictory और #TMCFinished ट्रेंड कर रहा है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर पल-पल की अपडेट जारी है। उम्मीद है कि देर रात तक अधिकतर सीटों के नतीजे स्पष्ट हो जाएंगे, जिसके बाद नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। बंगाल चुनाव का असर केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा संकेत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या तृणमूल कांग्रेस अपनी बची-खुची साख बचाने के लिए कोई कानूनी रास्ता अपनाती है या हार स्वीकार करती है। ( इनपुट : ANI)