BJP Leader Dilip Ghosh: खड़गपुर में भाजपा नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी सरकार पर अपराध, भ्रष्टाचार और ईवीएम मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला। बयानबाजी के बीच पश्चिम बंगाल की सियासत गरमाई, चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए और राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आया।
Bengal Elections 2026: बंगाल चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, चुनावी सरगर्मी तेज होती जा रही है। रोज नए बयान सामने आ रहे हैं। खड़गपुर सदर सीट से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उनके बयान से साफ है कि चुनावी माहौल अब आरोप-प्रत्यारोप के दौर में प्रवेश कर चुका है। रविवार को खड़गपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की हालत बेहद खराब हो चुकी है। उनके मुताबिक, राज्य में अपराध, भ्रष्टाचार और देश-विरोधी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन्हें गंभीरता से लेने के बजाय नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि टीएमसी सरकार की नजर में शायद कोई अपराधी होता ही नहीं, बंगाल में अपराधी भी बेकसूर होते हैं।
घोष ने आगे कहा कि असली दोषी कौन है और कौन नहीं, यह तय करना जांच एजेंसियों और अदालत का काम है, लेकिन सरकार की भूमिका इस पूरे मामले में सवालों के घेरे में है। इसी दौरान उन्होंने ‘मछली’ वाले विवाद को लेकर भी टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब असली मुद्दे खत्म हो जाते हैं, तब इस तरह की बातों को उछाला जाता है। उनका इशारा साफ था कि चुनावी बहस को भटकाने की कोशिश की जा रही है।
ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने पुरानी घटना का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता टूटे पैर की पट्टी को भी चुनावी मुद्दा बना सकता है, तो फिर किसी भी बात को मुद्दा बनाया जा सकता है। यहां उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव की ओर इशारा किया, जब ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में चोट लगने के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर प्रचार किया था और चुनाव जीतकर सत्ता में वापसी की थी।
ईवीएम को लेकर मुख्यमंत्री के हालिया बयान पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस बार ईवीएम का मुद्दा काम नहीं आएगा। अगर किसी को शिकायत है तो वह जांच करा सकता है, लेकिन हार का ठीकरा मशीनों पर फोड़ना सही नहीं है। पश्चिम बंगाल में चुनावी बयानबाजी तेज हो चुकी है।