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असम सीएम के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची TMC, ममता बनर्जी पर अपमानजनक टिप्पणी करने का लगाया आरोप

TMC ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान देने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग (ECI) से सख्त कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की है।

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Apr 18, 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (फोटो- आईएएनएस)

Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है। इसी बीच एक नया विवाद सामने आया है जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि सरमा ने चुनावी रैली के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिए हैं, जो चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।

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सीएम सरमा ने कूचबिहार में रैली के दौरान की थी टिप्पणी

TMC के अनुसार, हिमंता बिस्वा सरमा ने कूचबिहार जिले में एक चुनावी सभा के दौरान ममता बनर्जी के बयान को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी को चिंता इस बात की है कि अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में आई तो लोग मांस नहीं खा पाएंगे, जबकि वह केवल बीफ को लेकर चिंतित हैं, न कि चिकन, मटन या मछली को लेकर। पार्टी का कहना है कि यह बयान केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाला है। TMC ने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताया, जिसका उद्देश्य धार्मिक आधार पर लोगों को बांटना है।

मुस्लिम समुदाय को लेकर भड़काऊ बयान देने का भी आरोप

TMC ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि सरमा ने मुस्लिम समुदाय को लेकर भी भड़काऊ और बेबुनियाद आरोप लगाए। पार्टी के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय पश्चिम बंगाल के हिंदू इलाकों में बीफ की दुकानें खोल रहा है और बीफ की तस्करी कर रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि ऐसे बयान एक पूरे समुदाय को संदिग्ध और खतरनाक बताने की कोशिश करते हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया कि ऐसी बयानबाजी एक धार्मिक समूह को बदनाम करती है, उन्हें सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा दिखाती है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देती है।

चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग

टीएमसी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह हिमंता बिस्वा सरमा और बीजेपी को कारण बताओ नोटिस जारी करे। साथ ही, पार्टी ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है कि वे तुरंत FIR दर्ज करें। पार्टी का मानना है कि इस तरह के बयान चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ सकते हैं। टीएमसी ने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे सामाजिक अशांति फैल सकती है और शांतिपूर्ण चुनाव कराना मुश्किल हो सकता है।

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