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Bengal Election: अब कैमरे की नजर में डलेंगे वोट, चुनाव आयोग ने शैडो जोन बूथों के लिए वीडियोग्राफर किए नियुक्त

Bengal Election: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में चुनाव आयोग ने शैडो जोन बूथों पर कड़ी निगरानी के लिए प्रोफेशनल वीडियोग्राफी और सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित किया जा सके।
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भारत

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Himadri Joshi

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Updated: 18 Apr 2026, 1:28 PM IST

Election Commission

चुनाव आयोग (फोटो- आईएएनएस)

Bengal Election: विधानसभा चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। खासकर उन इलाकों में जहां निगरानी और संचार की चुनौतियां अधिक होती हैं, वहां अतिरिक्त इंतजाम किए जाते हैं। आगामी दिनों में पश्चिम बंगाल समेत देश के कई राज्यों में चुनाव होने जा रहे है। ऐसे में राज्य में चुनावों के दौरान शैडो जोन बूथों पर पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने पूरी मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के लिए विशेषज्ञ टीमों की नियुक्ति की है।

विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध हो

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि शैडो जोन वे क्षेत्र हैं जहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर या लगभग न के बराबर होती है। इन परिस्थितियों में ऑनलाइन निगरानी करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने इन क्षेत्रों में मतदान की शुरुआत से अंत तक पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड करने के लिए प्रोफेशनल वीडियोग्राफर्स तैनात किए हैं। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर गतिविधि पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड हो और किसी भी विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध हो सके।

CAPF की सुरक्षा में रहेंगे वीडियोग्राफर्स

इन वीडियोग्राफर्स को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों की सुरक्षा में रखा जाएगा, ताकि किसी भी तरह की बाधा या दबाव से बचा जा सके। आयोग ने यह भी व्यवस्था की है कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो को नजदीकी नॉन-शैडो जोन से जिला कंट्रोल रूम तक भेजा जाएगा। यह कंट्रोल रूम जिला मजिस्ट्रेट और जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में स्थित होंगे, जबकि राज्य स्तर पर मुख्य नियंत्रण कक्ष कोलकाता स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में संचालित होगा। इस पूरी प्रक्रिया से चुनावी गतिविधियों की लगातार निगरानी संभव हो पाएगी।

राज्य में कुल 625 शैडो जोन

आयोग के अनुसार, राज्य में कुल 625 शैडो जोन की पहचान की गई है। इनमें दार्जिलिंग, कालिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्र और जंगलमहल के आदिवासी इलाके प्रमुख हैं। इसके अलावा दक्षिण 24 परगना के सुंदरबन क्षेत्र भी इस श्रेणी में आते हैं। एक अधिकारी ने कहा, इन शैडो जोन में पहले के चुनावों में बूथ जामिंग, सोर्स जामिंग और मतदाताओं को डराने जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इस बार इन घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। आयोग वीडियोग्राफी के विश्लेषण के आधार पर यह भी तय करेगा कि किसी बूथ पर पुनर्मतदान की आवश्यकता है या नहीं।