आयोग के अनुसार, राज्य में कुल 625 शैडो जोन की पहचान की गई है। इनमें दार्जिलिंग, कालिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्र और जंगलमहल के आदिवासी इलाके प्रमुख हैं। इसके अलावा दक्षिण 24 परगना के सुंदरबन क्षेत्र भी इस श्रेणी में आते हैं। एक अधिकारी ने कहा, इन शैडो जोन में पहले के चुनावों में बूथ जामिंग, सोर्स जामिंग और मतदाताओं को डराने जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इस बार इन घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। आयोग वीडियोग्राफी के विश्लेषण के आधार पर यह भी तय करेगा कि किसी बूथ पर पुनर्मतदान की आवश्यकता है या नहीं।