Couple Suicide Honeymoon: हनीमून पर विवाद, दहेज के आरोप और फिर सुसाइड! बेंगलुरु के गानवी-सुरज मामले ने देश को झकझोर दिया है। पास्ट की एक 'दोस्ती' कैसे बनी दो मौतों की वजह? पूरी रिपोर्ट।
Couple Suicide Honeymoon: एक हंसती-खेलती जिंदगी अचानक कैसे उजड़ सकती है, यह कहानी बेंगलुरु के नवविवाहित जोड़े गणवी और सूरज शिवन्ना की है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। अरेंज्ड मैरिज के महज दो महीने बाद ही हनीमून ट्रिप पर पुरानी दोस्ती का राज खुलने से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों की जान चली गई। गणवी ने बेंगलुरु में आत्महत्या की, जबकि सूरज ने 1000 किलोमीटर दूर नागपुर के एक होटल में फांसी लगाकर जान दे दी। सूरज की मां ने भी आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन बच गईं।
29 अक्टूबर 2025 को बेंगलुरु में धूमधाम से शादी हुई थी। गणवी (26), एमबीए ग्रेजुएट थीं, जबकि सूरज (लगभग 30-36 साल) एक ऑनलाइन डिलीवरी सर्विस के फ्रैंचाइजी ओनर थे। शादी के बाद जोड़ा श्रीलंका हनीमून पर गया। प्लान 10 दिन का था, लेकिन महज 5 दिन बाद ही वापस लौट आए। वजह थी गणवी की शादी से पहले की दोस्ती का खुलासा। सूत्रों के मुताबिक, हनीमून के दौरान गणवी ने सूरज को बताया कि वह शादी जारी नहीं रखना चाहतीं और पहले किसी और से दोस्ती थी। इससे झगड़ा इतना बढ़ा कि ट्रिप बीच में ही छोड़नी पड़ी।
बेंगलुरु लौटने पर दोनों परिवारों ने सुलह की कोशिश की। सूरज के बड़े भाई संजय ने मध्यस्थता की, लेकिन बात नहीं बनी। गणवी अपने मायके चली गईं और कुछ घंटों बाद ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर लीं। पहले उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की, अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित हुईं और फिर मौत हो गई।
गणवी की मौत के बाद उनके परिवार ने सूरज और उसके रिश्तेदारों पर डाउरी हैरेसमेंट और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया। गणवी के पिता शशिकुमार ने शिकायत की कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग की जा रही थी और हनीमून के दौरान भी प्रताड़ना जारी रही। परिवार ने सूरज के घर के बाहर प्रदर्शन भी किया, गिरफ्तारी की मांग की।
सूरज का परिवार इन आरोपों से इनकार करता है। संजय ने कहा, हमने कोई दहेज नहीं मांगा, बल्कि शादी के सारे खर्च हमने ही उठाए। उल्टा गणवी के परिवार से धमकियां मिल रही थीं। करीब 30 लोग हमारे घर आए, सूरज को ढूंढने लगे। डर के मारे हमें बेंगलुरु छोड़ना पड़ा।
धमकियों और केस से परेशान सूरज अपनी मां जयंती (60) और भाई संजय के साथ 25 दिसंबर को बेंगलुरु से निकले। हैदराबाद होते हुए 26 दिसंबर की रात नागपुर पहुंचे। वार्धा रोड के एक होटल में दो कमरे बुक किए। आधी रात को सूरज ने दुपट्टे से पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। मां ने उन्हें देखा तो खुद भी फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन रस्सी टूट गई और वे बच गईं। होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। सूरज को एम्स नागपुर ले जाया गया, जहां मौत की पुष्टि हुई।