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भगवंत मान ने राहुल गांधी पर निशाना साधा, कहा – ‘उनकी जमानत जब्त होने दो’

Bhagwant Mann Targets Rahul Gandhi: संगरूर रैली से पहले पंजाब के सीएम भगवंत मान ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। क्या कहा मान ने? आइए नज़र डालते हैं।
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Updated: 27 Oct 2026, 8:49 PM IST
Bhagwant Mann
भगवंत मान (Photo - ANI)

पंजाब (Punjab) के सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने आज, मंगलवार, 27 अक्टूबर को कांग्रेस (Congress) नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा। 4 नवंबर को संगरूर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की प्रस्तावित रैली से पहले पंजाब सीएम मान ने भविष्यवाणी की कि कांग्रेस को पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ेगा।

"उनकी जमानत जब्त होने दो"

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मान ने कहा, "इस इलाके में कांग्रेस के पहले के बड़े प्रचार अभियानों का नतीजा बहुत खराब रहा है। उन्हें आने का पूरा हक है, आने दीजिए। पिछली बार जब मैंने सांसद का चुनाव लड़ा था, तो सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) बरनाला आई थीं। और नतीजा क्या रहा? उनके उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई। उससे पहले राहुल गांधी भी आए थे, तब सिंगला की जमानत जब्त हो गई थी। उन्हें संगरूर आने दो। उनकी जमानत जब्त होने दो। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।"

"ट्रंप को भी साथ ले आएं, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता"

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन अभी से सियासी गर्मी बढ़ने लगी है। संगरूर को पंजाब सीएम मान का गढ़ माना जाता है। संगरूर से ही राहुल 4 नवंबर को कांग्रेस पार्टी के चुनावी अभियान 'हिसाब मांगो' रैली की शुरुआत करेंगे, लेकिन मान बिल्कुल चिंतित नहीं हैं। राहुल की रैली से पहले न सिर्फ वह संगरूर से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त होने की बात कर रहे हैं, बल्कि राहुल के दौरे का भी मज़ाक उड़ा रहे हैं। राहुल के दौरे पर उन्होंने यह तक कह दिया, "उन्हें आने दीजिए। अगर वह ट्रंप को भी साथ ले आएं, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता।"

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर कसा तंज

मान ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक हालिया तस्वीर पर तंज कसते हुए कहा, "परगट सिंह, प्रताप बाजवा की गोद में बैठे नजर आए। कांग्रेस के भीतर की एकता तो मैंने देख ली। सचिन पायलट गाड़ी चला रहे थे और के.सी. वेणुगोपाल आगे की सीट पर बैठे थे। परगट सिंह के लिए कोई सीट ही नहीं बची, इसलिए उन्हें प्रताप बाजवा की गोद में बैठना पड़ा। इससे साफ पता चलता है कि इसका मतलब यह है कि पार्टी अभी तक 'पास' भी नहीं ले पाई है, 'गोल' करना तो दूर की बात है।"