महाराष्ट्र के बुलढाणा में किसान आंदोलन के दौरान जान गवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देते समय कुछ असामाजिक तत्व के लोगों ने पटाखे जलाए, जिसके कुछ देर बाद लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने इसे किसानों का अपमान बताया।
कांग्रेस की तमिलनाडु के कन्याकुमारी से 7 सितंबर को शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा इस समय महाराष्ट्र में है, जिसमें श्रद्धांजलि के दौरान पटाखे जलाने का मामला सामने आया है। न्यूज एजेंसी के अनुसार महाराष्ट्र के बुलढाणा में कांग्रेस नेता जिस समय किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर रहे थे उसी समय असामाजिक तत्व के कुछ लोगों ने पटाखे जलाए। इसका वीडियो भी सामने आ चुका है, जिसमें मंच में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी सहित कई बड़े नेता खड़े हुए जलते हुए पटाखों की ओर देख रहे थे।
इसके कुछ देर बाद लोगों को संबोधिक करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब हम किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने 733 शहीद किसानों को याद कर रहे थे, तब इन्होंने पटाखे जलाकर हिंदुस्तान के हर किसान और उन सब के परिवारों का अपमान किया है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि कालू कानूनों को रद्द किए हुए 3 साल हो गए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इन्हे रद्द नहीं करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते थे कि ये कानून 2-3 उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाए और जो किसानों का है उसको उन्होंने छीनने की कोशिश की थी। राहुल गांधी ने कहा कि एक तरह हिंदुस्तान की सरकार, पुलिस और अधिकारी है और दूसरी तरफ देश के गरीब किसान। राहुल गांधी ने कहा कि "दुख कि बात है कि किसान आंदोलन के दौरान 733 किसान शहीद हुए। 733 परिवारों ने अपने पिता, भाई, मां को खोया, जिसकी कोई जरूरत नहीं थी। अगर प्रधानमंत्री किसानों की सुन लेते तो किसी की जान नहीं जाती।"
वीर सावरकर के मुद्दे पर आमने-सामने हैं भाजपा और कांग्रेस
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान वीर सावरकर को अंग्रेजों का गुलाम बताने के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने है। आज महाराष्ट्र कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए कहा कि "सावरकर की माफी पाने के लिए छत्रपति शिवाजी को बदनाम करने वाले महाराष्ट्र के नहीं बल्कि खुज्या विचारों के हैं। बीजेपी को याद रखना चाहिए कि यह छत्रपति शिवाजी का महाराष्ट्र है।"
यह भी पढ़ें: राहुल के समर्थन में आए महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी, कहा- अंग्रेजों के दोस्त थे वीर सावरकर