
Punjab Election 2027: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। शिरोमणि अकाली दल के दिग्गज नेता रहे प्रकाश सिंह बादल के परिवार से करीबी रिश्ता रखने वाले मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। ‘मेजर भूप’ के नाम से पहचाने जाने वाले ढिल्लों बीजेपी में शामिल हो गए हैं ढिल्लों अकाली दल-बीजेपी सरकार के दौरान प्रकाश सिंह बादल के राजनीतिक सचिव भी रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ढिल्लों प्रकाश सिंह बादल के रिश्ते में चचेरे भाई लगेंगे। ऐसे में उनका बीजेपी में जाना अकाली दल के लिए राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। उनके बीजेपी में शामिल होने की खबरों के साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका और लांबी सीट से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
रिटायर्ड मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों का बादल परिवार से पुराना संबंध रहा है। वह दिवंगत पूर्व सांसद गुरराज सिंह बादल के बेटे हैं। गुरराज सिंह बादल, प्रकाश सिंह बादल के पिता रघुराज सिंह के छोटे भाई थे। ढिल्लों का पैतृक घर पंजाब के बादल गांव में है और यह शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के पुराने घर के पास ही स्थित है। बादल सरकार के दौरान साल 2012 में ढिल्लों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। इसी दौरान उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का राजनीतिक सचिव बनाया गया था। यही पुराना राजनीतिक और पारिवारिक रिश्ता उनके संभावित बीजेपी प्रवेश को खास बना रहा है।
कुछ महीने पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ स्थित ढिल्लों के घर पहुंचे थे। उस समय ढिल्लों रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। सैनी उनसे मिलने और उनका हालचाल जानने पहुंचे थे। उस दौरान ढिल्लों ने कहा था कि पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल उनसे तीन बार मिलने आए, लेकिन सुखबीर सिंह बादल के परिवार की ओर से कोई उनसे मिलने नहीं आया। हालांकि, बाद में सुखबीर सिंह बादल भी ढिल्लों से मिलने उनके घर पहुंचे थे।
भूपिंदर सिंह ढिल्लों के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा के साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सबसे ज्यादा चर्चा लांबी विधानसभा सीट की है। लांबी को लंबे समय से बादल परिवार का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां अपने पूर्व मुक्तसर जिला अध्यक्ष राकेश ढिंगरा को मैदान में उतारा था। उस चुनाव में आम आदमी पार्टी के गुरमीत सिंह खुड्डियां को 66,313 वोट मिले थे। प्रकाश सिंह बादल को 54,917 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के जगपाल सिंह अबुलखुराना को 10,136 और बीजेपी के राकेश ढिंगरा को 1,116 वोट मिले थे। अब सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बीजेपी 2027 में लांबी से भूपिंदर सिंह ढिल्लों को मैदान में उतार सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह सीट एक बार फिर पंजाब की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल हो सकती है।