केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी आवंटन में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है। शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन अब 50% तक बढ़ा दिया गया है।
कमर्शियल एलपीजी को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर अब 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसमें पहले से दिए गए 20 प्रतिशत और पीएनजी विस्तार से जुड़े सुधारों के आधार पर दिए गए 10 प्रतिशत के साथ अब अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन जोड़ा गया है।
पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि यह अतिरिक्त 20 प्रतिशत एलपीजी गैस उन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, जहां इसकी ज्यादा जरूरत है।
इनमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट, सरकारी सब्सिडी वाले कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर शामिल हैं।
मंत्रालय ने यह बताया कि 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी के वितरण के आदेश जारी कर दिए हैं।
बाकी राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं। नई जानकारी के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में करीब 13,479 मीट्रिक टन एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।
इसमें शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता दी गई है. कुल कमर्शियल एलपीजी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों को दिया जा रहा है। उधर, केंद्र सरकार एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठा रही है।
केंद्र सरकार ने शनिवार को बताया कि देश भर में लगातार छापेमारीकी जा रही है। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अब तक 3,500 से ज्यादा छापे मारे गए हैं और करीब 1,400 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
तेल कंपनियों के अधिकारियों ने 2,000 से ज्यादा पेट्रोल पंप और एलपीजी एजेंसियों पर अचानक जांच भी की है, ताकि सप्लाई सुचारू बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
सरकार ने कहा कि युद्ध जैसे हालात के बावजूद घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है, साथ ही अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भी प्राथमिकता दी गई है।