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बिहार के इस जिले को दहलाने वाले थे 2 खूंखार नक्सली, ऐन वक्त पर STF-पुलिस को लगी भनक, 40 किलो विस्फोटक बरामद

बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में बिहार STF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने प्रतिबंधित नक्सली संगठन PLFI के दो सक्रिय और हार्डकोर सदस्यों को गिरफ्तार किया।

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पटना

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Mukul Kumar

Mar 21, 2026

Bihar Police Suicide Theory

बिहार पुलिस। (फोटो सोर्स: पत्रिका)

बिहार के नवादा जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रजौली थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है।

एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के दो सक्रिय और हार्डकोर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से इलाके में संभावित बड़ी घटना टल गई है।

कहां के रहने वाले हैं नक्सली?

गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान दयानंद राजवंशी उर्फ गुर्जर उर्फ पप्पू और मिथलेश राजवंशी के रूप में हुई है। दोनों आरोपी रजौली थाना क्षेत्र के हरदिया गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में शामिल थे और संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।

यह पूरी कार्रवाई 21 मार्च 2026 की रात को की गई। बिहार एसटीएफ की विशेष टीम और नवादा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं।

सूचना के आधार पर हुई छापामारी

सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी अभियान चलाया और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें मिली जानकारी के आधार पर एक और सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

यह अभियान रजौली थाना क्षेत्र के पहाड़ी और जंगल इलाके भानेखाप में चलाया गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को वहां से भारी मात्रा में अवैध हथियार और करीब 40 किलो विस्फोटक सामग्री मिली है।

जांच में जुटी पुलिस

कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियार और विस्फोटक किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश का हिस्सा हो सकते थे। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई है।

फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और नक्सली संगठन के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी साजिश को रोका जा सके।