
Bihar Congress protest: बिहार कांग्रेस में असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। नाराज पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के हेडक्वार्टर इंदिरा भवन के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। 8 सितंबर को बिहार से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ विरोध करने दिल्ली जाएंगे। नाराज नेताओं की मुख्य मांग बिहार कांग्रेस के प्रभारी महासचिव कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार को उनके पदों से हटाना है। इसके अलावा, राहुल गांधी से मुलाकात न हो पाने के कारण भी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
आनंद माधव ने आरोप लगाया कि बिहार कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पार्टी के भीतर टिकटों की खरीद-फरोख्त हुई और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी से दूर रखने के प्रयास किए गए। उनके मुताबिक, इन मुद्दों को लेकर उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन महासचिव के सामने अपनी शिकायतें रखी थीं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
आनंद माधव ने कहा कि बिहार के नेताओं ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी चिंताएं रखी थीं। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि चुनाव के बाद उनसे मुलाकात की जाएगी, उनकी समस्याओं पर चर्चा होगी और उनकी बात राहुल गांधी तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब लगभग 10 महीने का समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से बिहार के कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली जाकर अपनी आवाज उठाने का फैसला कर रहे हैं।
आनंद माधव ने नाराज नेताओं के खिलाफ संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि AICC सदस्य को नोटिस भेजने या हटाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष की मंजूरी जरूरी है और यह प्रक्रिया अनुशासनात्मक समिति के जरिए होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सांसद तारिक अनवर अनुशासनात्मक समिति के सचिव हैं। आनंद माधव का तर्क है कि चूंकि पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी शिकायतें राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रख दी हैं और वे बातचीत करना चाहते हैं, इसलिए समाधान की पहल दोनों तरफ से होनी चाहिए।
कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बहुत खराब रहा और वह सिर्फ छह सीटें ही जीत पाई। उस हार के बाद से ही राज्य नेतृत्व के काम करने के तरीके को लेकर पार्टी के अंदर नाराजगी बढ़ रही है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि समर्पित संगठनात्मक नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है और पार्टी प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष की गलत रणनीतियों के कारण पार्टी लगातार कमजोर हो रही है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार कांग्रेस के अंदरूनी कलह को लेकर निशाना साधा है। BJP के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस में अंदरूनी कलह का लंबा इतिहास रहा है और यह पैटर्न हर राज्य में दिखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे नेता स्थानीय नेताओं को कठपुतली समझते हैं और उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करते हैं। जमीनी स्तर पर समाधान खोजने के बजाय पार्टी ने खुद को बड़े-बड़े दावों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक ही सीमित कर लिया है, जिसके परिणामस्वरूप जनता का भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है।