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आरक्षण पर मांझी-चिराग में तकरार, तेजस्वी बोले- नागपुर के इशारे पर हो रहा सारा ड्रामा, दम है तो जनरल सीट से दोनों लड़ें चुनाव

Bihar Politics: बिहार में अनुसूचित जाति के आरक्षण में उप-वर्गीकरण को लेकर NDA के सहयोगी नेताओं चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच जारी बयानबाजी पर तेजस्वी यादव ने हमला बोला है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद राजनीतिक दिखावा है और दोनों नेताओं को आरक्षित सीटों से इस्तीफा देकर सामान्य सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।
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पटना

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Anand Shekhar

Aug 30, 2026

Tejashwi Yadav, Chirag Paswan, Jitan Ram Manjhi, reservation sub-classification

जीतन राम मांझी, तेजस्वी यादव और चिराग पासवान

Tejashwi Yadav on Reservation: बिहार की राजनीति में आरक्षण को लेकर NDA के दो अहम सहयोगियों केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच चल रही जुबानी जंग पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने दोनों नेताओं के बीच के टकराव को राजनीतिक दिखावा करार दिया और दावा किया कि यह सब नागपुर के इशारे पर हो रहा है। तेजस्वी ने दोनों नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें सच में हिम्मत है, तो वे अपनी आरक्षित सीटों से इस्तीफा दें और अपनी काबिलियत साबित करने के लिए जनरल सीटों से चुनाव लड़ें।

भ्रम फैलाने के लिए हो रही दिखावटी लड़ाई : तेजस्वी

अनुसूचित जाति आरक्षण के वर्गीकरण को लेकर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच लगातार बयानबाजी चल रही है। विवाद बढ़ने के बाद पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि देश में अभी ऐसा कोई पैदा नहीं हुआ है जो संविधान द्वारा दिए गए आरक्षण सिस्टम को खत्म कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि NDA के भीतर यह दिखावटी लड़ाई सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने और भ्रम फैलाने के मकसद से की जा रही है।

नागपुर के इशारे पर बयानबाजी का आरोप

तेजस्वी यादव ने आरोप लगते हुए आगे कहा, "इन लोगों को तो नागपुर (RSS मुख्यालय) से बाकायदा निर्देश जाता है कि एक नेता आरक्षण के पक्ष में बोलेगा और दूसरा विपक्ष में। यह सब जनता को भ्रमित करने की सोची-समझी रणनीति है। मैंने आज तक कभी आरक्षण का फायदा नहीं उठाया, लेकिन चाहे जीतन राम मांझी हों या चिराग पासवान, ये दोनों नेता लगातार आरक्षित सीटों से चुनाव जीतकर सत्ता का लाभ लेते रहे हैं और आज आरक्षण विरोधियों के साथ खड़े हैं।"

आरक्षित सीटों के बजाय जनरल सीटों से चुनाव लड़ने का दिया चैलेंज

चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर तंज कसते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इन नेताओं को लुका-छिपी का खेल बंद करना चाहिए। अगर उन्हें अपनी लोकप्रियता और राजनीतिक हैसियत पर भरोसा है, तो उन्हें अपनी आरक्षित सीटों से इस्तीफा देना चाहिए और जनरल सीटों से चुनावी मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये नेता सत्ता में रहते हुए सालों तक मंत्री पद पर रहे और आरक्षण का पूरा फायदा उठाया, फिर भी वे उसी आरक्षण पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाकर दोहरा रवैया अपना रहे हैं।

पर्दे के पीछे से जनता का मूड भांप रही है BJP : तेजस्वी

भाजपा की चुप्पी को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी चुप नहीं है, बल्कि वही पर्दे के पीछे रहकर यह पूरा खेल करवा रही है। उन्होंने कहा, "बीजेपी पानी में कंकड़ डालकर देख रही है कि जनता का मिजाज क्या है। 2015 में जब मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा की बात कही थी, तब बिहार की जनता ने कान पकड़कर उठा-बैठक करा दी थी। चिराग और मांझी जैसे नेता तो महज किरदार हैं, जिन्हें केवल कुर्सी, पद, बंगला और सुरक्षा से मतलब है। इन्हें अपने समाज के अधिकारों की कोई परवाह नहीं है।"