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लद्दाख से सैकड़ों मील दूर जंतर-मंतर क्यों पहुंचे सोनम वांगचुक? खुद बताई CJP को समर्थन देने की वजह

सोनम वांगचुक ने बताया कि वह लद्दाख से जंतर-मंतर क्यों पहुंचे और CJP को समर्थन देने का फैसला कैसे किया। जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी।
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भारत

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Rahul Yadav

Aug 30, 2026

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सोनम वांगचुक (फाइल फोटो - एएनआई)

Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक ने बताया है कि वह लद्दाख से दिल्ली के जंतर-मंतर क्यों पहुंचे और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को समर्थन देने का फैसला क्यों किया। वांगचुक के मुताबिक, लद्दाख के उपराज्यपाल की कुछ गतिविधियों ने उन्हें इस आंदोलन में उतरने के लिए मजबूर किया। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इस आंदोलन के संस्थापक के तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश का नाम लिया जाए, तो लद्दाख के उपराज्यपाल को इसका सह-संस्थापक कहा जा सकता है।

सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता के साथ बातचीत में बताई। इसी बातचीत में उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में उन्होंने CJP के आंदोलन से दूरी क्यों बनाई थी और बाद में अपना समर्थन देने का फैसला कैसे किया।

पहले CJP के दावों की जांच कराना चाहते थे

वांगचुक ने बताया कि लद्दाख के उपराज्यपाल की ओर से उनके खिलाफ की गई एक टिप्पणी और उसके बाद मीडिया में आई खबरों से वह हैरान हुए थे। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्होंने इस मामले को ज्यादा तूल नहीं दिया। बाद में जब यह मामला लगातार अखबारों में सुर्खियां बनने लगा तो उन्हें लगा कि इसके पीछे सोची-समझी रणनीति हो सकती है। वांगचुक के मुताबिक, उन्हें लगा कि शायद उन्हें निशाना बनाकर लद्दाख के आंदोलन या CJP का मनोबल कम करने की कोशिश की जा रही है।

इसके बाद उन्होंने एक वीडियो बनाया। इसमें उन्होंने CJP के सोशल मीडिया समर्थकों को लेकर सवाल उठाया। वांगचुक ने कहा कि अगर यह साबित हो जाए कि संगठन के ज्यादातर समर्थक भारत के बाहर से हैं तो वह लोगों से इसका समर्थन नहीं करने को कहेंगे। वहीं, अगर यह दावा गलत निकलता है तो वह खुद आंदोलन के समर्थन में उतरेंगे।

अभिजीत दीपके ने भेजा फॉलोअर्स का आंकड़ा

वांगचुक के मुताबिक, उनका वीडियो वायरल होने के बाद यह अभिजीत दीपके तक पहुंचा। दीपके ने उन्हें संदेश भेजकर कहा कि वे बदलाव लाने की कोशिश कर रहे युवा हैं और उनसे संपर्क करना चाहते हैं। इसके बाद दोनों की फोन पर बातचीत हुई।

वांगचुक ने बताया कि उन्हें CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स से जुड़े आंकड़े भी दिए गए। इन आंकड़ों के मुताबिक, 94 प्रतिशत फॉलोअर्स भारत से और 6 प्रतिशत भारत के बाहर से थे। आंकड़ों को देखने और पूरे मामले का विश्लेषण करने के बाद वांगचुक ने CJP को समर्थन देने का फैसला किया।

उपराज्यपाल ने मुझे मैदान में उतरने को मजबूर किया

वांगचुक ने कहा कि लद्दाख के उपराज्यपाल की गतिविधियों की वजह से वह इस आंदोलन में जमीन पर उतरकर युवाओं का साथ देने पहुंचे। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि अगर जंतर-मंतर के आंदोलन के संस्थापक भारत के मुख्य न्यायाधीश को माना जाए, तो 'को-फाउंडर लेफ्टिनेंट गवर्नर ऑफ लद्दाख हैं।'

उनका कहना था कि उपराज्यपाल की वजह से वह इंटरनेट पर प्रतिक्रिया देने के बजाय जंतर-मंतर पर आंदोलन का हिस्सा बने। शुरुआत में CJP की विश्वसनीयता को लेकर लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी। ऐसे में वांगचुक के समर्थन से लोगों का भरोसा बढ़ा।

सलमान खान के ‘इट्स डन ब्रो’ पर भी बोले

इसी बातचीत में सोनम वांगचुक ने अभिनेता सलमान खान के वायरल बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। सलमान ने उनकी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील करते हुए कहा था, 'सोनम, इट्स डन ब्रो।'

बातचीत के दौरान वांगचुक को इसी बयान वाली टी-शर्ट दी गई। उन्होंने इसे रखने पर सहमति जताई। सलमान की बात पर उन्होंने कहा मजबूरियां होती होंगी सबकी। आगे-पीछे, दाएं-बाएं देखना पड़ता है। लेकिन उन्होंने कुछ कहा, उसकी मैं इज्जत करता हूं।