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Bihar Election: दूसरे चरण में 1320 प्रत्याशी की किस्मत दांव पर, 32% पर क्रिमिनल केस; जानें कितने उम्मीदवार हैं करोड़पति

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, 1297 उम्मीदवारों में से 32% (415) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 341 पर यानी 26 फीसदी पर गंभीर आपराधिक मामले हैं।
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Nov 08, 2025
Bihar Election 2025
बिहार विधानसभा चुनाव (Photo-Patrika)

Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोटिंग होगी। 20 जिलों में फैले इन क्षेत्रों में 1320 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है। चंपारण, मिथिलांचल और सीमांचल जैसे इलाकों में एनडीए को 2020 की हार सुधारने की चुनौती है, जबकि महागठबंधन अपनी पकड़ मजबूत करने पर तुला है। चिराग पासवान, ओवैसी, नीतीश कुमार, पीएम मोदी और तेजस्वी यादव जैसे दिग्गजों की साख दांव पर है।

रिकॉर्ड मतदान की उम्मीद

पहले चरण में 65.08% मतदान के बाद दूसरे चरण में भी जोरदार भागीदारी की संभावना है। चंपारण बेल्ट, मिथिलांचल और सीमांचल के 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। चनपुर, सासाराम और गया जी टाउन में 22-22 उम्मीदवार हैं, जबकि चनपटिया, रक्सौल, सुगौली और बनमनिखी में महज 5 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

415 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक, 1297 उम्मीदवारों में से 32% (415) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 341 पर यानी 26 फीसदी पर गंभीर आपराधिक मामले हैं, जिनमें अपहरण, हत्या, हमला, भ्रष्टाचार और चुनाव में रिश्वत देने जैसे अपराध शामिल हैं। 15 पर हत्या, 79 पर हत्या के प्रयास और 52 पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के आरोप हैं। आरजेडी, बीजेपी, जेडीयू और कांग्रेस समेत सभी दलों में ऐसे उम्मीदवार हैं। जन सुराज ने 58 में से 51 पर गंभीर केस वाले उतारे।

43 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति

दूसरे चरण में 43% (562) उम्मीदवार करोड़पति हैं। उन्होंने अपनी घोषित संपत्ति 344 करोड़ रुपये बताई है। 15.3% के पास 5 करोड़ से ज्यादा संपत्ति है। 48 प्रतिशत उम्मीदवार स्नातक पास हैं, जबकि 9 उम्मीदवार असाक्षर हैं।

हॉट सीट्स: जहां सियासत गरमाई

सीमांचल (24 सीटें, 4 जिले) में महागठबंधन-AIMIM ने 2020 में एनडीए का सफाया दिया था, किशनगंज में एक भी सीट नहीं मिली। मगध (26 सीटें) में महागठबंधन ने 20 जीतीं, गया, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद और नवादा में एनडीए को सिर्फ 6 मिलीं। जमुई चिराग पासवान की 'अग्निपरीक्षा' वाली सीट है। चनपुर, सासाराम और गया जी टाउन जैसे क्षेत्रों में बहुकोणीय संघर्ष है। एनडीए चंपारण-मिथिलांचल पर फोकस कर रहा है, जहां जेडीयू-बीजेपी मजबूत हैं।

प्रमुख उम्मीदवार: दिग्गजों का दांव

बीजेपी: एनडीए का मुख्य स्तंभ, चंपारण और मिथिलांचल पर जोर। कई उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस, लेकिन पीएम मोदी की रैलियां जोश भर रही हैं।

जेडीयू: नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए का हिस्सा। सीमांचल-मगध में कमजोरी सुधारने की कोशिश, उम्मीदवारों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले शामिल।

आरजेडी: महागठबंधन का चेहरा, तेजस्वी यादव की सभाओं से उत्साह। मिथिलांचल-सीमांचल में दबदबा, लेकिन क्रिमिनल केसों की भरमार।

चिराग पासवान: एलजेपी प्रमुख, जमुई समेत सीटों पर परीक्षा। एनडीए में शामिल, लेकिन सीमांचल में चुनौती।

ओवैसी: AIMIM के साथ महागठबंधन, किशनगंज जैसे क्षेत्रों में मजबूत। 2020 की सफलता दोहराने का लक्ष्य।

Updated on:
08 Nov 2025 07:17 pm
Published on:
08 Nov 2025 07:06 pm