राष्ट्रीय

विपक्ष को कांग्रेस से नुकसान? बिहार यात्रा के दौरान जहां-जहां गए राहुल गांधी, वहां वहां महागठबंधन फ्लॉप

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA ने भारी बहुमत से जीत हासिल की, जिसमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि कांग्रेस की बुरी हार हुई और राहुल गांधी की रैलियों का कोई फायदा नहीं मिला, जिससे महागठबंधन की हार में उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
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Nov 14, 2025
rahul randhi
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Photo-IANS)

बिहार चुनावों के परिणाम अब पूरी तरह से सामने आ चुके है। NDA ने भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है और विपक्षी महागठबंधन को बहुत बुरी हार का सामना करना पड़ा है। 243 में से NDA 203 सीटों पर जीत की ओर बढ़ रही है, जो कि अपने आप में रिकॉर्ड है। सिर्फ NDA ने ही नहीं बल्कि बीजेपी ने इन परिणामों के साथ इतिहास रच दिया है। 91 सीटों पर बढ़त के साथ बीजेपी इन चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बन कर सामने आई है। वहीं कांग्रेस की बात की जाए तो पार्टी का इन चुनावों में सूपड़ा ही साफ हो गए।

61 उम्मीदवारों में सिर्फ पांच को बढ़त

महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने इन चुनावों में अपने 61 उम्मीदवार उतारे थे लेकिन इसकी चौथाई सीटें भी पार्टी के हिस्से में नहीं आई। चुनाव आयोग के अनुसार कांग्रेस सिर्फ पांच सीटों पर आगे है, जिसमें से एक सीट पार्टी के खाते में आ गई है। चुनावों से पहले पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने जमकर बिहार में रैलियां की। इस दौरान राहुल ने SIR और वोट चोरी के मुद्दें को जमकर भुनाने की कोशिश की लेकिन परिणामों में उन्हें इसका कोई फायदा नहीं हुआ।

यात्रा में 1,300 किलोमीटर की दूरी तय की

राहुल ने चुनावों से पहले वोटर अधिकार यात्रा का आयोजन भी किया और राज्य में घूम-घूम कर मतदाताओं को यह समझाने की कोशिश की थी कि बीजेपी वोट चुरा रही है। राहुल को इस यात्रा से बहुत सी उम्मीदें थी लेकिन इस सब उम्मीदों पर पानी फिर गया। हैरानी की बात तो यह है कि राहुल इस यात्रा के दौरान जहां जहां गए वहीं पर उनकी पार्टी इन चुनावों में पीछे है। यह यात्रा सासाराम से शुरू हुई और पटना में समाप्त हुई। इसमें 25 जिले और 110 विधानसभा क्षेत्र शामिल थे, और इसने लगभग 1,300 किलोमीटर की दूरी तय की।

क्या महागठबंधन की हार के लिए राहुल जिम्मेदार

लेकिन इस पूरे रास्ते पर एक भी विधानसभा क्षेत्र ऐसा नहीं लग रहा है जहां गांधी की पार्टी को फायदा हो रहा हो। कांग्रेस की इस बूरी हार ने पार्टी के अस्तित्व पर भी सवाल खड़े कर दिए है। एक समय में देश की सबसे बड़ी पार्टी रही कांग्रेस आज बिहार में अपने निशान पंजे जितनी भी सीटें नहीं जीत पाई जो काफी शर्मनाक है। महागठबंधन 32 सीटों पर आगे है जिसमें से 26 पर RJD आगे है। ऐसे में विपक्षी गठबंधन को भी कांग्रेस या फिर राहुल गांधी से कोई फायदा नहीं मिला। चुनावों के यह परिणाम अब सवाल खड़े कर रहे है कि क्या महागठबंधन की इस हार में राहुल और कांग्रेस की जिम्मेदारी बाकि दलों से ज्यादा रही है।

Updated on:
14 Nov 2025 06:24 pm
Published on:
14 Nov 2025 06:23 pm
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