
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की पार्टी को करारी शिकस्त मिली है। प्रदेश में जन सुराज पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई है। पीके ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने 25 साल पहले राजनीति शुरू की और शुरुआत में सातों सीटों पर चुनाव हार गए थे। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में गहरा झटका मिला है, लेकिन हम गलतियों को सुधारेंगे।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे कहा कि आजाद भारत में पहली बार, खासकर बिहार में किसी सरकार ने लोगों पर 40हजार करोड़ रुपये खर्च करने का वादा किया और इसीलिए एनडीए को इतना बड़ा बहुमत मिला। लोग कह रहे हैं कि मतदाताओं ने 10,000 रुपये के लिए अपना वोट बेच दिया। यह सच नहीं है; यहां के लोग अपना या अपने बच्चों का भविष्य नहीं बेचेंगे।
उन्होंने कहा, “ इस बहस का कोई अंत नहीं है। कुछ लोग चुनाव आयोग पर गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं - यह उनका मामला है। लेकिन हर विधानसभा सीट पर कम से कम 60,000-62,000 लोगों को 10,000 रुपये दिए गए और 2 लाख रुपये का कर्ज देने का वादा किया गया। सरकारी अधिकारी ड्यूटी पर थे और लोगों को बता रहे थे कि अगर एनडीए सत्ता में लौटी तो उन्हें कर्ज मिलेगा और इसके लिए जीविका दीदियों को ड्यूटी पर लगाया गया था।"
प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार चुनाव में मिली हार को लेकर जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि हमने ईमानदारी से कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह से असफल रही। इसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है। व्यवस्था परिवर्तन की तो बात ही छोड़िए, हम सत्ता परिवर्तन भी नहीं कर पाए।
पीके ने कहा कि बिहार की राजनीति को बदलने में हमारी भूमिका ज़रूर रही। हमारी कोशिशों में, हमारी सोच में और जिस तरह से हमने यह समझाया कि जनता ने हमें नहीं चुना, उसमें ज़रूर कोई न कोई चूक रही होगी। अगर जनता ने हम पर विश्वास नहीं दिखाया, तो उसकी पूरी ज़िम्मेदारी मेरी है। मैं इस बात की पूरी ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेता हूँ कि मैं बिहार की जनता का विश्वास नहीं जीत सका।
इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि आपने मुझे पिछले तीन सालों में जितनी मेहनत करते देखा है, मैं उससे दोगुनी मेहनत करूँगा और अपनी पूरी ऊर्जा लगा दूंगा। पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। जब तक मैं बिहार को बेहतर बनाने का अपना संकल्प पूरा नहीं कर लेता, तब तक पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है।