
Bihar Flood: बिहार की राजधानी पटना में गंगा और पुनपुन नदियों के उफान के कारण हालात गंभीर हैं। गंगा का जलस्तर 2016 के रिकॉर्ड को पार कर गया है, जिससे शहर के कई घाट और आस-पास के रिहायशी इलाके डूब गए हैं। पटना सिटी में कंगन घाट के पास घरों और बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसी बीच सामने आए एक वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते को बाढ़ के पानी में नहलाता दिखाई दे रहा है।
जब उस आदमी से पूछा गया कि वह अपने कुत्ते को कंगन घाट के पास बाढ़ के पानी में क्यों नहला रहा है, तो उसने बताया कि उसके कुत्ते को साल के हर दिन नहाने की आदत है। उसने कहा कि अगर कुत्ते को रोज नहलाया न जाए, तो वह खाना नहीं खाता। अगर वह दो दिन बिना नहाए रह जाए, तो खाना-पीना पूरी तरह छोड़ देता है। उस आदमी ने बताया कि चूंकि पूरा इलाका पानी में डूबा हुआ है, इसलिए वह कुत्ते को बाढ़ के पानी में ही नहला रहा है। वह पिछले तीन-चार सालों से इसी तरह कुत्ते को यहां नहलाने ला रहा है।
बातचीत के दौरान, शख्स ने यह भी बताया कि बाढ़ की वजह से स्थानीय लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और वे अपने मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए,सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान कंगन घाट और आसपास के डूबे हुए इलाकों में लगातार नाव से गश्त कर रहे हैं।
बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने जानकारी दी कि गंगा नदी अपने अब तक के उच्चतम जल स्तर को पार कर चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में गंगा का जो सर्वाधिक जलस्तर दर्ज हुआ था, नदी ने सुबह 10:30 बजे उसे भी पीछे छोड़ दिया। गांधी घाट पर सुबह 10 बजे जलस्तर 50.53 मीटर रिकॉर्ड किया गया। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं, संवेदनशील जगहों पर अधिकारियों को तैनात किया गया है और सरकार स्थिति से निपटने के लिए हर संभव उपाय कर रही है।
गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ-साथ पुनपुन नदी में भी पानी बढ़ने से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटना-गया रेल मार्ग पर पुल नंबर 21 (पुनपुन घाट) के पास बाढ़ का पानी रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया है। वहीं, धनुकी, महुआ बाग और सलारपुर जैसे ग्रामीण इलाकों में पुनपुन नदी का जलस्तर 7 से 8 फीट तक बढ़ गया है। धनुकी गांव की महादलित बस्ती में लगभग 50 घर पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।