
Tejashwi Yadav on Jamui Viral Video: बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ सरेआम छेड़छाड़ और बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान मच गया है। मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने NDA सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह ध्वस्त बताया है। तेजस्वी यादव ने प्रदेश को अराजकता के मुहाने पर बताते हुए राज्य की मौजूदा प्रशासनिक स्थिति के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने लिखा कि बिहार में अराजकता का माहौल बन गया है और कोई भी छात्रा या महिला कहीं भी या किसी भी समय सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुंडे और अपराधी अब दिनदहाड़े स्कूलों, कॉलेजों और घरों में घुसकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए के शासन में महिलाओं, छात्राओं, गरीबों और दलितों पर अत्याचारों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है।
केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं को लुभावने वादे और आर्थिक मदद की घोषणाएं करने वाले प्रधानमंत्री आज ऐसी गंभीर घटनाओं पर पूरी तरह 'मौनी बाबा' बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद बिहार की बागडोर नौसिखिए हाथों में सौंप दी गई है और राज्य के मौजूदा संकटपूर्ण हालात के अकेले जिम्मेदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने भी जमुई की घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि बिहार में बेशर्म सरकार है और राज्य में महिलाओं और लड़कियों के साथ खुलेआम छेड़छाड़ और उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने जमुई की घटना को बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि इससे बिगड़ती कानून-व्यवस्था, प्रशासन की कमजोर पकड़ और सम्राट के नेतृत्व वाली सरकार में पुलिसिंग की विफलता की सच्चाई सामने आ गई है।
रोहिणी ने कहा कि गुंडों ने सड़क के बीचों-बीच एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़, मारपीट, हैवानियत और दरिंदगी की कोशिश की। इससे साफ पता चलता है कि बिहार में अपराधियों को अब कानून या पुलिस का कोई डर नहीं है। सरकार चलाने वालों के लिए यह बेहद शर्म की बात है कि सुशासन और बेटी बचाओ के वादों और नारों के बावजूद, राज्य की महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत जमुई थाना में केस नंबर 428/26 दर्ज किया गया है। जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल ने बताया कि जैसे ही वीडियो उनके संज्ञान में आया, पीड़िता की पहचान की गई और उसका बयान दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि यह घटना 19 सितंबर को शाम करीब 7 बजे हुई थी और इसमें उसी गांव के युवक शामिल थे।
SP के निर्देश पर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुश्री दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, वीडियो में छह से सात युवक दिखाई दे रहे हैं और फरार संदिग्धों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसके अलावा, सोशल मीडिया से आपत्तिजनक वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।