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Bihar News: बिहार में और सख्त होगी शराबबंदी, पहली बार शराब पीते पकड़े गए तो घर पर चस्पा होंगे पोस्टर, दूसरी और तीसरी बार में मिलेगी ये सजा

शराबबंदी वाले बिहार में अगर कोई पहली बार शराब पीते पकड़ा गया तो जुर्माना देकर छूट जाएगा, लेकिन उसके घर पर चेतावनी का पोस्टर लगाया जाएगा। पोस्टर में लिखा होगा कि दूसरी बार शराब पीते पकड़े जाने पर एक साल की सजा मिलनी निश्चित है।
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Updated: 1 Oct 2022, 4:37 PM IST
warning poster will be put at house of accused who were released after paying fine for drinking alcohol
warning poster will be put at house of accused who were released after paying fine for drinking alcohol

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी कानून को लेकर हमेशा से ही सख्त रहे हैं। अब नीतीश सरकार ने शराब पीनेवालों को लेकर नया निर्देश जारी कर दिया है। पहले शराबबंदी कानून को लेकर सरकार ने तय किया था कि शराब पीकर पहली बार पकड़े जाने वाले लोगों को जुर्माना लेकर छोड़ दिया जाएगा। मगर अब सरकरा ने फैसला लिया है कि जो कोई भी शराब पीने के आरोप में जुर्माना देकर छूट चुका है उसके पूरे मोहल्ले या गांव को इसकी खबर दी जाए। यानी कि अब ऐसे लोगों के घर के बाहर पोस्टर चिपाकाया जाएगा। यानी कि शराब पीने पर पकड़े गए लोगों की मुश्किलें सिर्फ जुर्माना देकर छूटने से कम नहीं होगी।

मद्यनिषेध और उत्पाद विभाग ने शराबियों पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए ये फैसला किया है। जुर्माना देकर छूटे लोगों के घर पर मद्यनिषेध विभाग के अधिकारी या कर्मचारी दोबारा यह जुर्म नहीं करने की चेतावनी वाला पोस्टर चस्पा करेंगे। इस पोस्टर पर शराबी के साथ-साथ उसके पिता का नाम, पूरा पता तो छपेगा ही। इसके अलावा पोस्टर पर यह भी लिखा होगा कि अगर वह व्यक्ति दूसरी बार शराब पीते हुए पकड़ा जाएगा तो उसे एक साल के लिए जेल जाना होगा।

बता दें, 1 अप्रैल 2022 से लागू संशोधित मद्य निषेध कानून में धारा 37 के तहत पहली बार शराब पीने के मामले में पकड़े गये व्यक्ति को शपथ पत्र व तीन से पांच हजार रुपये का जुर्माना देकर छोड़े जाने का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान के तहत अब तक 50 हजार से अधिक लोग जुर्माना देकर छूट चुके हैं। लेकिन, विभाग को शिकायत मिल रही है कि इनमें कई लोग दोबारा भी शराब का सेवन कर रहे हैं।

ऐसे में मद्य निषेध अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे रिकॉर्ड के हिसाब से उन सभी लगों के घर जाकर उनको चेतावनी दें और उनके घर के बाहर पोस्टर चिपकायें। विभागीय अधिकारी ऐसे लोगों की छानबीन भी करेंगे। अगर उस व्यक्ति के घर पोस्टर चिपकाने गए अधिकारियों को अगर थोड़ा भी शक हुआ तो वे व्यक्ति की ब्रेथ एनलाइजर से जांच भी करेंगे।

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