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वोटिंग से पहले डॉ. संजीव के घर STF पहुंचने पर भड़की RJD, मनोज झा बोले- पटना से दिल्ली तक दहशत, जनता देगी जवाब

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह के आवास पर पुलिस के पहुंचने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मनोज झा ने इसे लोकतंत्र और चुनावी माहौल से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बताया है, जबकि संजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस की यह कार्रवाई चुनाव को प्रभावित करने की एक कोशिश है।
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Updated: 23 Oct 2026, 1:02 PM IST
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राजद सांसद मनोज झा और राजद MLC उम्मीदवार डॉ संजीव (फ़ोटो- ANI)

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद (MLC) में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों के लिए फिलहाल मतदान चल रहा है। हालांकि, मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले हुई एक घटना के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह के आवास पर STF समेत पुलिस की एक टीम पहुंची थी। RJD के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा और खुद उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने और विपक्ष को डराने-धमकाने की एक सोची-समझी साजिश बताया है।

मनोज झा ने सरकार पर साधा निशाना

RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीधे प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि यह सवाल देश के शीर्ष नेतृत्व से पूछा जाना चाहिए कि मतदान से ठीक पहले वाली रात किसी उम्मीदवार के घर STF की टीम कैसे और क्यों पहुंच गई?

मनोज झा ने कहा कि इस व्यवस्था को किस प्रकार का लोकतंत्र कहा जाए और ऐसा डर पैदा करके किसे सुकून मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना से लेकर दिल्ली तक पूरी सरकारी मशीनरी एक तरह का डर और दहशत का माहौल बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता सब कुछ देख रही है और आज नहीं तो कल अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करके इस दमनकारी रवैये का जवाब जरूर देगी।

डॉ संजीव ने पुलिस को घर में नहीं दिया घुसने

राजद उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि पुलिसकर्मी तलाशी लेने के लिए उनके घर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट दिखाने को कहा, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

डॉ. संजीव ने बताया कि कानून का पालन करते हुए उन्होंने बिना वारंट के पुलिस को अपने घर में नहीं घुसने दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके घर के बाहर लगभग दो घंटे तक आठ गाड़ियां खड़ी रहीं, जिसके बाद पुलिसकर्मी वहां से चले गए। डॉ. संजीव ने कहा कि राज्य में अभी आठ सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, लेकिन सिर्फ उनके घर पर की गई छापेमारी की कोशिश सरकार की हताशा को दर्शाती है।

डॉ संजीव पर कोई आपराधिक केस नहीं

डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि वे पेशे से डॉक्टर हैं और पहले विधायक भी रह चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर कोई आरोप नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से उन्होंने जदयू छोड़कर राजद का दामन थामा है और लालू प्रसाद यादव के साथ जुड़े हैं, तब से सत्ताधारी पार्टी परेशान है।

डॉ संजीव ने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता राजनीतिक रूप से काफी जागरूक हैं और सरकार उनके बढ़ते जनाधार से घबराकर डराने-धमकाने तथा वोट चुराने की नाकाम कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वे और उनके नेता शेर की तरह हैं जो किसी भी तरह की खोखली धमकियों या दिखावे से बिल्कुल नहीं डरते।

Updated on:
23 Oct 2026, 1:02 PM IST
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