
Bihar MLC election: बिहार में एमएलसी चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव देखने को मिला है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय जीतने वाले बंशीधर बृजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए डॉ. राहुल राज बीजेपी में शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहुल राज को पार्टी की सदस्यता दिलाई। दोनों नवनिर्वाचित एमएलसी के बीजेपी में शामिल होने से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है।
डॉ. राहुल राज पहले बीजेपी से जुड़े रहे हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने के कारण बीजेपी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। अब चुनाव में जीत के बाद राहुल राज की बीजेपी में वापसी हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
बीजेपी में शामिल होने के बाद राहुल राज ने अपनी वापसी को लेकर अलग रुख रखा। उन्होंने इसे 'घर वापसी' मानने से इनकार किया। राहुल राज के मुताबिक, चुनाव में उम्मीदवार उनकी विचारधारा या पार्टी से जुड़े नहीं थे, बल्कि उनकी पृष्ठभूमि कम्युनिस्ट विचारधारा की थी। उन्होंने कहा कि अगर जेडीयू या बीजेपी का कोई कार्यकर्ता वहां से चुनाव लड़ता, तो वह अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए तैयार होते। राहुल राज ने दावा किया कि उन्होंने 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में भी ऐसा किया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि महज 10 दिनों में कोई व्यक्ति कम्युनिस्ट विचारधारा छोड़कर बीजेपी या एनडीए की विचारधारा से कैसे जुड़ सकता है। उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ता इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने वाले बंशीधर बृजवासी ने भी बीजेपी की सदस्यता ले ली है। इस तरह चुनाव के बाद दो निर्दलीय एमएलसी बीजेपी के साथ आ गए हैं। दोनों नेताओं के पार्टी में शामिल होने से बिहार में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की राजनीति में बीजेपी की स्थिति और मजबूत हुई है।