राष्ट्रीय

क्या है बिहार का रिशु श्री महाघोटाला? तेजस्वी यादव ने NDA सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे पर खड़े किए गंभीर सवाल

Bihar Rishu Shri Mahaghotala: तेजस्वी यादव ने कथित 'रिशु श्री महाघोटाले' को लेकर राज्य की एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने राज्य में बढ़ते क्राइम और करप्शन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
2 min read
Jun 29, 2026
TEJSAWI YADAV
फोटो में राजद नेता तेजस्वी यादव (सोर्स: आईएएनएस)

Bihar Rishu Shri Scam Updates: बिहार का ‘रिशु श्री महाघोटाला’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। घोटाले पर सवाल खड़े करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा- “वर्तमान NDA सरकार हेल्थ केयर, रोजी-रोटी, सिंचाई, एजुकेशन, शिकायत सुलझाने और एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन की बात क्यों नहीं करती? बिहार में बढ़ते क्राइम और करप्शन की बात क्यों नहीं करती। ये हैं असली मुद्दे। महंगाई इतनी ज्यादा बढ़ रही है। राज्य में स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप या किसानों को मुआवजा देने के लिए कोई फंड नहीं है। बिहार को इन्वेस्टमेंट और डेवलपमेंट की जरूरत है। लेकिन फिर भी इस गरीब राज्य में जमीन मुफ्त में दी जा रही है। कुछ लोग सिर्फ कैमरे पर आकर कुछ भी कहना चाहते हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने कथित 'रिशु श्री महाघोटाले' को लेकर राज्य की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार से सवाल पूछते हुए आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये के इस घोटाले में बड़े अधिकारियों और सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

जांच केवल छोटे अधिकारियों की होती है… बड़े अधिकारियों की नहीं: तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि एक मामूली सा ठेकेदार आखिर कई सरकारी विभागों के टेंडर कैसे प्रभावित कर सकता है? उसपर हावी कैसे हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों तक सरकारी निगरानी तंत्र आखिर क्या कर रहा थी। अगर जांच एजेंसियों के सामने आए चैट सही हैं। तो इससे साफ संकेत मिलता है कि आरोपी को बड़े अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ था। जांच केवल छोटे अधिकारियों की जा रही है। जबकि बड़े अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

निलंबित आईएएस अधिकारियों की अब तक क्यों नहीं हुई गिरफ्तारी

तेजस्वी ने आगे सवाल उठाते कहा कि जिन दो आईएएस अधिकारियों को निलंबित किया गया। आजतक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। चार्जशीट में उनके नाम क्यों शामिल नहीं किए गए। सरकारी विभागों में बिल पास कराने और टेंडर दिलाने के बदले दो से साढ़े तीन प्रतिशत तक कमीशन लेने की बात जांच में सामने आई है। अगर यह सच है तो सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इसलिए आरोपी और उससे जुड़ी कंपनियों को मिले सभी सरकारी टेंडरों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। इससे संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

आखिर क्या है ‘रिशु श्री महाघोटाला’?

बता दें ‘रिशु श्री महाघोटाला’ बिहार टेंडर से जुड़ा हुआ है। इसका मुख्य आरोपी रिशु श्री है। ये मामला तब सामने आया, जब 2023 में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज हुई। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के शक में कई अधिकारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की। जिसके बाद ईडी को वहां से करोड़ों रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए। जांच के दौरान रिशु श्री की कंपनियां भी एजेंसियों के निशाने पर आ गईं।

ED की रिपोर्ट के आधार पर 30 अप्रैल 2025 को विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने रिशु श्री, IAS संजीव हंस और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि अधिकारियों से मिलीभगत कर टेंडर में हेरफेर की गई। और इसी से रिशु श्री ने कुछ ही वर्षों में करोड़ों की संपत्ति बना ली।

दिल्ली पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके आवास पर मुलाकात की। देखें वीडियो-