
केतन अग्रवाल मौत मामले में लोहागढ़ किले के उस जगह के वीडियो सामने आए हैं, जहां यह घटना हुई थी। पुलिस का दावा है कि यह हादसा सुनियोजित हत्या थी। इस बीच मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी का ताजा बयान सामने आया है। (Photo-ANI)
Ketan Agarwal Murder Case Latest Update: केतन अग्रवाल मर्डर केस में लेटेस्ट अपडेट सामने आया है। आरोपी सिया और चेतन को 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। इससे कुछ देर पहले आरोपी सिया गोयल की ओर से केस लड़ रहे वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि हम भी चाहते हैं की इंसाफ मिले। अगर सिया गोयल दोषी साबित होती हैं तो उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए। उनके घर वाले भी वहीं चाहते हैं। उन्होंने तो पहले ही था कि कोर्ट पर भरोसा है। कोर्ट को मामले का फैसला करना चाहिए। अगर वह दोषी पाई जाती है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए। अगर वह दोषी नहीं पाई जाती है, तो उसे बरी कर दिया जाना चाहिए।
सिया गोयल के वकील ने आगे ये भी कहा कि शुरू में एफआईआर एक्सीडेंट के तौर पर रजिस्टर की गई थी। बाद में जब पीड़ित के परिवार ने शक जताया, तो केस की जांच मर्डर के एंगल से की गई। लेकिन ये एक एक्सीडेंट भी हो सकता है। सभी को कोर्ट पर भरोसा है। सभी चाहते हैं सच सामने आए। ऐसे में वकील के इस बयान के बाद सवाल ये है कि क्या ये एक सुनियोजित मर्डर था या फिर एक हादसा?
इस बीच आरोपी सिया गोयल और चेतन को महाराष्ट्र के लोनावाला स्थित वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया जा रहा है। इसका वीडियो भी सामने आया है।
साथ ही आरोपी सिया गोयल का भाई साहिल और उनके वकील वडगांव मावल पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं।
केतन अग्रवाल मर्डर केस की आरोपी सिया गोयल को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उनके वकील एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि इस मामले में पुलिस कस्टडी बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक टीम पहले से ही अपनी जांच कर रही है। इसलिए सिया को आगे पुलिस हिरासत में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता।
वकील ने आगे कहा कि शुरुआत में सिया की गिरफ्तारी सिर्फ शक के आधार पर की गई। घटना के बाद केतन अग्रवाल के पिता कुछ लोगों के साथ लोहागढ़ किले पहुंचे थे। उन्हें लगा कि उस जगह से कोई व्यक्ति गलती से नहीं गिर सकता, इसलिए उन्होंने हत्या की आशंका जताई। इसी शक के बाद पुलिस ने मामले की जांच मर्डर के एंगल से शुरू की और सिया को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने आगे कहा कि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। उनकी मुवक्किल सिर्फ 20 साल की है और अब तक पुलिस के पास ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है कि ये साबित हो सके कि वह किसी आपराधिक साजिश में शामिल थी।
Updated on:
29 Jun 2026, 5:42 PM IST
Published on:
29 Jun 2026, 5:16 PM IST
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