गेट्स फाउंडेशन ने गुरुवार को कन्फर्म किया है कि उसके चेयरमैन बिल गेट्स इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल नहीं होंगे। गेट्स को समिट के चौथे दिन कीनोट एड्रेस देना था।
AI Impact Summit 2026: गेट्स फाउंडेशन ने गुरुवार को पुष्टि की कि उसके चेयरमैन बिल गेट्स (Bill Gates) भारत में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit 2026) में शामिल नहीं होंगे। गेट्स को समिट के चौथे दिन मुख्य भाषण (कीनोट एड्रेस) देना था।
फाउंडेशन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि गहन विचार के बाद और यह सुनिश्चित करने के लिए कि समिट का ध्यान उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं पर ही बना रहे, बिल गेट्स अपना कीनोट संबोधन नहीं देंगे। फाउंडेशन की ओर से अफ्रीका और भारत कार्यालयों के अध्यक्ष अंकुर वोरा आज बाद में समिट को संबोधित करेंगे।”
बयान में यह भी जोड़ा गया कि फाउंडेशन भारत में स्वास्थ्य और विकास से जुड़े साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हालांकि इससे पहले खबर आई थी कि गेट्स भारत दौरे के दौरान AI समिट में शामिल नहीं होंगे, लेकिन फाउंडेशन ने उस समय इन रिपोर्ट्स का खंडन करते हुए कहा था कि पूर्व माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर तय कार्यक्रम के अनुसार संबोधन देंगे।
बता दें कि बिल गेट्स इस सप्ताह भारत पहुंचे थे और उन्होंने आंध्र प्रदेश का दौरा किया। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से चल रही कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया गया।
दरअसल, बिल गेट्स का एआई समिट में भाग नहीं लेने की खबर ऐसे समय आई है, जब हाल ही में जारी तथाकथित एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। ये दस्तावेज जेफरी एपस्टीन से जुड़े बताए जा रहे हैं और इनमें लाखों पन्नों के रिकॉर्ड शामिल हैं।
कुछ ईमेल्स में कथित तौर पर एपस्टीन ने दावा किया है कि गेट्स उनसे निजी मुलाकातों और चिकित्सा संबंधी मदद के लिए संपर्क में थे। हालांकि गेट्स के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
प्रवक्ता ने अमेरिकी मीडिया संगठन NPR से कहा, “ये दावे पूरी तरह बेतुके और झूठे हैं। दस्तावेज केवल यह दिखाते हैं कि एपस्टीन गेट्स के साथ संबंध न होने से निराश था और उन्हें फंसाने व बदनाम करने की कोशिश कर रहा था।”