
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भाजपा का एक और बड़ा बयान सामने आया है। बीजेपी ने मंगलवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि सीजेपी ने उनके पोर्टफोलियो बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।
पार्टी ने इन खबरों को काल्पनिक और बेबुनियाद बताया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि यह खबरें बिल्कुल गलत हैं और कुछ लोग जानबूझकर अफवाहें फैला रहे हैं। असल में प्रधान जी का इस्तीफा सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था।
बीजेपी ने साफ कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जो कहानियां चल रही हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया कि सरकार ने पहले उनके पोर्टफोलियो में बदलाव का प्रस्ताव दिया था, लेकिन सीजेपी ने उसे ठुकरा दिया, जिसके बाद इस्तीफा आया। पार्टी ने इसे खारिज कर दिया। भाजपा ने कहा- कोई ऐसा प्रस्ताव था ही नहीं। लोग बस सनसनी फैलाना चाहते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान लंबे समय से शिक्षा मंत्रालय संभाल रहे थे। हाल के दिनों में नीट पेपर लीक जैसी समस्याएं सामने आईं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने उनके कामकाज पर सवाल उठाए थे। उनके इस्तीफे को लेकर काफी दिनों तक छात्र आंदोलन चला। भारी विवाद के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान अब दूसरी जिम्मेदारी मिल सकती है। फिलहाल, प्रह्लाद जोशी को मोदी सरकार में नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है।
इसके अलावा, पेपर लीक कानून को और मजबूत बनाने के लिए सरकार सदन में संशोधन बिल लेकर आई है। सदन में इस बिल पर आठ घंटे की चर्चा होनी है। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा है।
वहीं, इस बिल को पेश करते वक्त केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस के उस कार्यकाल को भी याद कराया है, जिसमें कई बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं। इसको लेकर विपक्ष ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया।