
Vande Mataram in Congress Headquarters: देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद 'वंदे मातरम’ का गायन हुआ। हालांकि, इस दौरान कुछ ऐसा घटित हुआ, जिसको लेकर सियासत तेज हो गई है। दरअसल, दावा किया जा रहा है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पूरे 'वंदे मातरम’ के गायन पर ऐतराज जताया। इसके बावजूद, कांग्रेस सेवा दल के पूर्व अध्यक्ष लालजी देसाई ने हस्तक्षेप करते हुए पूरा गायन करवाया। इसको लेकर राहुल गांधी और सोनिया गांधी की लालजी देसाई से वार्ता भी हुई।
‘वंदे मातरम’ को लेकर दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने इसे बीच में रोकने का संकेत दिया। हालांकि, लालजी देसाई ने दोनों नेताओं को समझाया। इसके बाद पूरा 'वंदे मातरम' गाया गया। इसके बाद राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने कथित तौर पर इस मुद्दे पर लालजी देसाई से चर्चा की। इस मामले के सामने आने के बाद बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है।
बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के गायन को रोकने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस शासनकाल में 'वंदे मातरम’ के गायन को लेकर पहले भी विवाद सामने आए हैं। इस दौरान उन्होंने लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए।
'वंदे मातरम' को लेकर मामले को तूल पकड़ते देख कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ है। सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बैठने के लिए कह रही थीं, क्योंकि वे काफी देर से खड़े थे। कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को गलत बताया और कहा कि घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश किया गया है।
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पहली बार लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण बजाया गया।