पंजाब के फिरोजपुर से आई इस बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर के लिए, जहाँ चुनाव लड़ रही एक बीजेपी उम्मीदवार के घर पुलिस ने छापा मारकर जिस्मफरोशी के धंधे का भंडाफोड़ किया है।
Ferozepur BJP Leader Soma Prostitution Racket: नगर पंचायत चुनावों के बीच बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। वॉर्ड नंबर 22 से बीजेपी की उम्मीदवार सोमा पर देहव्यापार (प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट) चलाने का आरोप लगते ही पार्टी को अपना उम्मीदवार बदलना पड़ा। पुलिस ने कल शाम सोमा के घर पर छापा मारकर चार महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
सब-इंस्पेक्टर अर्शदीप सिंह के अनुसार, बस्ती सुनवां इलाके में सोमा के घर से अवैध रूप से देहव्यापार चलाने की सूचना मिली थी। पुलिस की टीम ने छापेमारी की और सात लोगों को मौके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सोमा के अलावा अनु (बस्ती आवा), प्रकाश कौर (हनुमानगढ़), राज कुमार (हाजी बेटू गांव), गौरव कुमार (जलालाबाद), बलकार सिंह (बस्ती शेखांवाली) और ज्योति (बस्ती सुनवां) शामिल हैं। सभी पर Immoral Traffic (Prevention) Act के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले के सामने आने के बाद बीजेपी ने तुरंत सोमा को उम्मीदवार पद से हटा दिया। अब पार्टी ने पप्पू को वॉर्ड नंबर 22 से अपना उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी जिला सचिव सुमित पुगल हीरा ने इस मामले को साजिश बताया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी आप से जुड़े कुछ लोग बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गए हैं और पार्टी की छवि खराब करने के लिए झूठे मामले दर्ज करवा रहे हैं।
बीजेपी नेता अनुमीत सिंह हीरा सोढ़ी ने दावा किया कि सोमा के घर में पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। फुटेज की जांच से सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, नामांकन पत्र दाखिल करने के आखिरी दिन मुड़की में तनावपूर्ण माहौल रहा। कांग्रेस और अन्य पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। कांग्रेस हलका प्रभारी आशु बंगर और एक महिला उम्मीदवार घायल हो गए। बंगर ने आरोप लगाया कि उन्हें धारदार हथियारों से हमला किया गया।
घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फिरोजपुर-मोगा हाईवे को जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। एसपी (डिटेक्टिव) मनजीत सिंह और डीएसपी (रूरल) करन शर्मा ने पहुंचकर आश्वासन दिया कि उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिरोजपुर नगर पंचायत चुनाव में इस घटना ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। बीजेपी इसे विपक्षी साजिश बता रही है, जबकि विपक्षी दलों के कार्यकर्ता इसे नैतिकता का मुद्दा बता रहे हैं। पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी रोष है।