
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव सर पर है। भाजपा ने राज्य की करीब 39 सीटों पर प्रत्याशियों को उतार भी दिया है। ऐसे में खबर है कि शिवराज कैबिनेट में एक-दिनों में विस्तार होने जा रहा है। भाजपा राज्य में जातीय समीकरण साधने के लिए विधायकों को मंत्री बना सकती हैं। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी सामने आ गई कि चुनाव से डेढ़ महीने पहले सरकार को अपना विस्तार करना पड़ रहा है। लेकिन इससे पहले जान लेते है कि अगर सरकार में विस्तार होता है तो किन-किन लोगों को मौका मिलेगा?
ब्राह्मणों को मनाने के लिए राजेंद्र शुक्ला को मंत्री बना सकती है BJP
रीवा विधानसभा सीट से चार बार के विधायक रहे राजेंद्र शुक्ला को भाजपा मंत्री बना सकती है। वह पहले भी मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। पेशाब कांड के आरोपी प्रवेश शुक्ला के घर पर बुलडोजर चलाने को लेकर भी ब्राह्मणों में नाराजगी है। ऐसे में बीजेपी ब्राह्मण चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल कर उस नाराजगी को कम करने की कोशिश में जुटी है। मध्य प्रदेश में ब्राह्मणों का वोट 5% से अधिक नहीं है, लेकिन प्रदेश के 30 विधानसभा सीटों पर उनका दबदबा है। ऐसे में इन सीटों पर ब्राह्मण वोट गेम चेंजर हो सकते हैं।
2021 में हुआ था आखिरी कैबिनेट विस्तार
बता दें कि वर्तमान में मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार के मंत्रिमंडल में सीएम सहित 31 सदस्य हैं। संवैधानिक मानदंडों के अनुसार, संख्या 35 तक जा सकती है, जो कि 230 सदस्यों वाली एमपी विधानसभा की ताकत का 15 प्रतिशत है। शिवराज सरकार का आखिरी मंत्रिमंडल विस्तार जनवरी, 2021 में हुआ था।
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