
Rahul Gandhi PM Residence March: देश की राजधानी में नीट (NEET) पेपर लीक का मुद्दा अब एक बड़े राजनीतिक बवंडर का रूप ले चुका है। प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) तक विरोध मार्च निकालने और सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़प के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। बीजेपी ने उनके इस कदम को अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और संसदीय मर्यादाओं का हनन करार देते हुए देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर उग्र प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक बैकग्राउंड पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी उस परिवार से आते हैं जिसने देश को तीन-तीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी दिए हैं। कम से कम उन्हें तो प्रधानमंत्री पद और उनके सरकारी आवास की गरिमा और पवित्रता का ख्याल होना चाहिए था।
"क्या यह देश आपकी छड़ी से चलेगा? क्या यह देश आपके अहंकार से संचालित होगा? जब सरकार नीट मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी, तब आप बातचीत छोड़कर सड़क पर धरना देने क्यों बैठ गए?"
बीजेपी के एक अन्य वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हमला और तेज करते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर रहते हुए राहुल गांधी का ऐसा आचरण बेहद खतरनाक है। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह (Sedition) का मामला दर्ज करने तक की मांग कर डाली।
उधर, लुटियंस दिल्ली जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में हुई कार्रवाई पर सफाई देते हुए भाजपा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के पास बल प्रयोग के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
जंतर-मंतर से शुरुआत: कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन और विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे।
पीएम आवास की ओर कूच: प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने अचानक 7, लोक कल्याण मार्ग की तरफ मार्च शुरू कर दिया।
सड़क पर लेटे राहुल: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी राहुल गांधी को सड़क से हटाते दिखे, जहां वे विरोध में लेट गए थे। कांग्रेस का दावा है कि इस धक्का-मुक्की में राहुल गांधी की नाक से खून भी आया, जिसे पार्टी ने पुलिस की बर्बरता बताया।
धांधली के आरोपों के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
संसदीय बहस के बजाय सड़कों पर हंगामे की यह जंग अब दिल्ली से निकलकर पूरे देश के राज्यों की राजधानियों तक फैलने वाली है, जहां बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने होंगे।