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‘धार्मिक नारों से कब तक देश आगे बढ़ाओगे?’, असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर भड़की BJP

West Bengal Political: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन औवेसी के बयान पर बीजेपी नेता सरिता अग्रवाल ने कहा कि जो नेता कभी एक-दूसरे पर कटाक्ष कर रहे थे, वे अब एक साथ बैठकर चाय पी रहे हैं।

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BJP Leader Sarita Aggarwal
भाजपा नेता सरिता अग्रवाल

BJP Leader Sarita Aggarwal Statement: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के होलिया बयानों और पश्चिम बंगाल के बदलते सियासी घटनाक्रमों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेहद तीखा रुख अपनाया है। हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेता सरिता अग्रवाल ने ओवैसी और विपक्षी एकजुटता को आड़े हाथों लेते हुए राजनीति में धार्मिक नारों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

'जो एक-दूसरे पर तंज कसते थे, आज साथ बैठकर चाय पी रहे'

सरिता अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि आज सत्ता और स्वार्थ के लिए विपक्ष का दोहरा रवैया जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'आज बंगाल के संदर्भ में ऐसी टिप्पणियां की जा रही हैं, जहां जो नेता कल तक एक-दूसरे पर तीखे कटाक्ष कर रहे थे, एक-दूसरे को पानी पी-पीकर कोस रहे थे, वे आज एक साथ बैठकर चाय की चुस्कियां ले रहे हैं।'

'धार्मिक नारों से कब तक देश आगे बढ़ाओगे?'

उन्होंने ओवैसी से सीधा सवाल किया कि ये राजनीतिक दल आखिर कब तक केवल धार्मिक नारों और ध्रुवीकरण के सहारे देश को आगे बढ़ाने का नाटक करते रहेंगे? विपक्ष को अब विकास, युवाओं के रोजगार, तकनीकी शिक्षा, गरीबी उन्मूलन और तकनीकी विकास (Technical Advancement) जैसे बुनियादी मुद्दों पर बात करनी चाहिए।

'युवा, महिलाएं और बुजुर्ग ही हमारी प्राथमिकता'

भाजपा के व्यापक विजन को सामने रखते हुए सरिता अग्रवाल ने कहा कि हमारी पार्टी के लिए देश और देशवासी सर्वोपरि हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'भारतीय जनता पार्टी की एक आँख में अखंड भारत का गौरव है, तो दूसरी आँख में इस देश के 140 करोड़ देशवासी बसते हैं। हमारी एक आँख में देश का युवा है, तो दूसरी आँख में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान निहित है।'

उन्होंने नसीहत दी कि धार्मिक छींटाकशी को व्यक्तिगत दायरे तक ही सीमित रखा जाना चाहिए और राष्ट्रीय पटल पर केवल देश की प्रगति, स्पेस साइंस, रॉकेट साइंस और विकास (Growth) पर ही ध्यान केंद्रित होना चाहिए।

आपको बता दे कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस इस समय बड़े संकट से गुजर रही है। टीएमसी के 20 बागी लोकसभा सांसद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए।

Updated on:
15 Jun 2026 05:17 pm
Published on:
15 Jun 2026 05:07 pm
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