
मनोज झा, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी। (फोटो- ANI)
तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद रविवार को एक क्षेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी (एनसीपीआई) में शामिल हो गए। इसको लेकर देश भर में सियासी हलचल तेज है। इसको लेकर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने करारा हमला बोला है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।
मनोज झा ने कहा- जिस पार्टी को दो विधानसभा चुनाव में कुल 800 वोट भी नहीं मिले, वह रातों-रात 20 सांसदों का मालिक बन गई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी राजनीतिक बाजीगरी चलती रही तो लोकतंत्र नाम की चीज बची ही नहीं रहेगी।
मनोज कुमार झा ने सवाल उठाया कि कल तक इस पार्टी का नाम भी किसी ने सुना था क्या? क्या देश में किसी को पता था कि यह पार्टी है? सिर्फ बनाने वालों को ही मालूम होगा।
उन्होंने कहा कि यह तरीका अगर आम हो गया तो लोकतंत्र का क्या होगा? दुनिया अब भारत को किस नजर से देखेगी? मनोज ने आगे कहा- 800 वोट वाली पार्टी को 20 सांसद मिल जाते हैं। यह लोकतंत्र नहीं, मजाक है।
नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी (एनसीपीआई) जैसी अनजानी पार्टी में टीएमसी के बागी सांसदों के विलय ने राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। बिहार की राजनीति में हमेशा से सक्रिय रहने वाले मनोज झा ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बताया।
उन्होंने याद दिलाया कि लोकतंत्र में जनता की इच्छा सबसे ऊपर होती है। लेकिन जब सांसद अपनी मर्जी से दल बदलते हैं और छोटी पार्टियों को रातोंरात बड़ा बना देते हैं, तो जनता का विश्वास कहां जाता है?
मनोज झा ने कहा कि यह 'नॉन-एंटिटी' पार्टी अब अचानक बड़ी ताकत बन गई है। यह कैसे संभव हुआ? साथ ही राजद सांसद ने चेतावनी भी दी कि अगर ऐसे तरीके सामान्य हो गए तो बड़े दल भी खतरे में पड़ सकते हैं।
बिहार की राजनीति में यह घटना खास तौर पर चर्चा में है क्योंकि यहां तेजस्वी यादव की आरजेडी विपक्ष की मजबूत आवाज है। मनोज झा ने कहा कि देश की जनता अब ऐसे खेलों से तंग आ चुकी है। लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी दलों को मिलकर कुछ सोचना होगा।
Updated on:
15 Jun 2026 04:16 pm
Published on:
15 Jun 2026 04:16 pm
