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पीरियड लीव पर स्मृति इरानी के बयान से छिड़ी बहस, क्या आप जानते हैं भारत के किस राज्य में सबसे पहले शुरू की गई थी छुट्टी?

पीरियड लीव पर दिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के बयान पर बहस छिड़ गई है कि महिलाओं को पीरियड्स में लीव मिलनी चाहिए या नहीं।
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Dec 15, 2023
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Debate On Period Leave: भारत में महिलाओं को पीरियड्स में लीव मिलनी चाहिए या नहीं, इस बात को लेकर एक बार फिर देशभर में बहस छिड़ गई है। महिलाओं के लिए पीरियड्स के दौरान छुट्टी पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में इस पर जवाब दिया था, जिसकी चर्चा हो रही है। राज्यसभा में बीजेपी सरकार से पूछा गया था कि क्या सरकार महिलाओं को माहवारी या पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पेड लीव देने के लिए नियम बनाने जा रही है। इसके जवाब में बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा दिए गए जवाब के बाद देशभर में बहस छिड़ गई है। आइए जानते है भारत में सबसे पहले किस राज्य में पीरियड लीव शुरू किया था।


कंगना रनौत ने किया स्मृति ईरानी का सपोर्ट

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने हाल ही में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की टिप्पणी पर अपनी राय साझा की। अपने दिल और दिमाग की बात बेबाकी से कहने के लिए मशहूर 'क्वीन' अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, कामकाजी महिला एक मिथक है, मानव जाति के इतिहास में एक भी गैर-कामकाजी महिला नहीं रही है। उन्होंने कहा कि खेती से लेकर घर के कामकाज से लेकर बच्चों के पालन-पोषण तक महिलाएं हमेशा काम करती रही हैं। उनके परिवार या समुदाय या राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रास्ते में कुछ भी नहीं आया है। स्मृति ईरानी से सहमति जताते हुए कंगना ने निष्कर्ष निकाला, जब तक यह कोई विशिष्ट चिकित्सीय स्थिति न हो, महिलाओं को पीरियड्स के लिए सवैतनिक छुट्टियों की आवश्यकता नहीं है, कृपया समझें, यह पीरियड्स है, कोई बीमारी या बाधा नहीं।

जानिए क्‍या कहा था स्मृति ईरानी ने

दरअसल, स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में कहा था कि एक मासिक धर्म वाली महिला के रूप में, मासिक धर्म और मासिक धर्म चक्र कोई बाधा नहीं है। यह महिलाओं की जीवन यात्रा का एक स्वाभाविक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे मुद्दों का प्रस्ताव नहीं देना चाहिए जहां महिलाओं को समान अवसरों से वंचित किया जाता है, सिर्फ इसलिए क्या मासिक धर्म नहीं होता है मासिक धर्म के प्रति एक विशेष दृष्टिकोण रखता है।

सैनिटरी नैपकिन पर पूछा गया ये सवाल

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने सरकार से सवाल किया था कि क्या सैनिटरी नैपकिन में हानिकारक केमिकल के इस्तेमाल को रोकने के लिए कोई कदम उठाने पर योजना बना रही है। इस पर ईरानी ने जवाब दिया कि यह सवाल मैन्यूफैक्चरिंग से जुड़ा है जो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के दायरे में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए सैनिटरी पैड के लिए ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।

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पीरियड्स के लिए छुट्टी देने वाला पहला राज्य था बिहार

आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने एक राज्यसभा में सवाल पूछा था कि क्या सरकार ने महिला कर्मचारियों को निश्चित संख्या में छुट्टियां देने के लिए कंपनियों के लिए अनिवार्य प्रावधान बनाने के लिए कोई उपाय किया। इसके साथ ही आरजेडी सांसद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में बिहार पीरियड्स के लिए छुट्टी की नीति बनाने वाला पहला राज्य था।

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Published on:
15 Dec 2023 01:52 pm
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