
West Bengal Political: पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में घमासान जारी है। टीएमसी के नेता प्रतिपक्ष विवाद पर भारतीय जनता पार्टी ने तंज कसा है। विपक्ष के नेता (LoP) के मुद्दे पर BJP विधायक अरिजीत बख्शी ने कहा कि यह बिल्कुल स्वाभाविक है। विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और लोकतंत्र में संख्या ही तय करती है कि किसे कौन सा पद मिलेगा। मान्यता उसी पार्टी या समूह को दी जाती है जिसके पास सदन में ज़रूरी संख्या बल हो। जो लोग कभी TMC का हिस्सा थे, लगता है कि 15 साल बाद भी वे इस प्रक्रिया को समझ नहीं पाए हैं।
ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए बीजेपी विधायक अरिजीत बख्शी ने कहा कि उन्हें लगता था कि बाहुबल और धन-बल से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। शायद उन्हें यह भी लगता था कि ज़रूरी संख्या बल के बिना भी विपक्ष के नेता का पद हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज वह गलतफहमी दूर हो गई है। अदालत ने सही कहा है कि मान्यता तय प्रक्रियाओं और विधायी संख्या बल के आधार पर ही दी जानी चाहिए।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विवाद में ममता बनजी को बड़ा झटका लगा है। नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोई भी अंतरिम आदेश पास करने से मना कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि स्पीकर का फैसला बरकरार रहेगा। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने नेता प्रतिपक्ष के तौर पर टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति को चुनौती दी थी।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने एआईटीसी के अधिकार और नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद का हवाला देते हुए, कोलकाता स्थित एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक को लिखे एक पत्र में पार्टी के बैंक खातों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। 12 जून को लिखे पत्र में बिस्वास ने स्वयं को टीएमसी का कोषाध्यक्ष बताते हुए बैंक से अनुरोध किया कि वह यथास्थिति बनाए रखे और सक्षम प्राधिकारी द्वारा विवाद का समाधान होने तक पार्टी के बैंक खातों से संबंधित किसी भी डेबिट लेनदेन या परिचालन निर्देशों में परिवर्तन की अनुमति न दे।