अशोक चौधरी ने कहा, "शिक्षकों का जातिवाद और गुंडागर्दी से क्या लेना-देना? शिक्षक का काम नई पीढ़ी का भविष्य संवारना है, उन्हें शिक्षित करना और इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, IAS और IPS अधिकारी बनाना है। फिर भी यहां कुछ लोग गलत कामों में लगे हुए हैं। वर्चस्व की लड़ाई में गोलियां चलाई जा रही हैं, जिससे पूरे देश में बिहार की छवि खराब हो रही है।" उन्होंने कहा कि डराने-धमकाने के लिए सार्वजनिक रूप से गोली चलाना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानूनी तौर पर, कोई व्यक्ति अपनी जान को खतरा होने पर आत्मरक्षा में ही हथियार का इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन यहां तो खुलेआम गोलियां चलाई जा रही है।