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‘FIR नहीं हो रही तो कोर्ट जाइए, शिक्षकों को गुंडागर्दी से क्या मतलब’; पटना कोचिंग विवाद पर बोले मंत्री अशोक चौधरी

Ashok Chaudhary on Patna coaching war: बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने पटना में खान सर और रोशन आनंद के बीच चल रहे कोचिंग विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का काम छात्रों का भविष्य संवारना है, न कि जातिवाद और गुंडागर्दी में शामिल होना।

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पटना

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Anand Shekhar

Jun 18, 2026

Ashok Choudhary

बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी फोटो-Dr. Ashok Choudhary FB

Patna Coaching War: बिहार की राजधानी पटना में दो बड़े कोचिंग संस्थानों के मालिक फैजल खान उर्फ खान सर और रोशन आनंद के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। कोचिंग संचालकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई पर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। महान स्वतंत्रता सेनानी अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती पर आयोजित राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि शिक्षक की भूमिका समाज को दिशा देना है, न कि कानून को अपने हाथ में लेना।

शिक्षकों का जातिवाद और गुंडागर्दी से क्या लेना-देना?

अशोक चौधरी ने कहा, "शिक्षकों का जातिवाद और गुंडागर्दी से क्या लेना-देना? शिक्षक का काम नई पीढ़ी का भविष्य संवारना है, उन्हें शिक्षित करना और इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, IAS और IPS अधिकारी बनाना है। फिर भी यहां कुछ लोग गलत कामों में लगे हुए हैं। वर्चस्व की लड़ाई में गोलियां चलाई जा रही हैं, जिससे पूरे देश में बिहार की छवि खराब हो रही है।" उन्होंने कहा कि डराने-धमकाने के लिए सार्वजनिक रूप से गोली चलाना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानूनी तौर पर, कोई व्यक्ति अपनी जान को खतरा होने पर आत्मरक्षा में ही हथियार का इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन यहां तो खुलेआम गोलियां चलाई जा रही है।

FIR दर्ज नहीं हो रही है, तो सीधे कोर्ट जाएं

ज्ञान बिंदु अकादमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने कदमकुआं पुलिस स्टेशन में रात भर धरना दिया। रोशन आनंद के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि पुलिस स्टेशन में उनकी सही FIR दर्ज नहीं हो रही है, तो कानून में इसके लिए पहले से ही पूरी व्यवस्था है।

अशोक चौधरी ने कहा कि पुलिस स्टेशन के बाहर हंगामा करने या धरना देने के बजाय, सीधे कोर्ट जाकर औपचारिक शिकायत करना बेहतर है। कोर्ट की अपनी प्रक्रिया होती है। अगर उसे आपके आरोपों में दम लगता है, तो वह खुद पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश देगी। इसमें क्या बड़ी मुश्किल है?

कोचिंग संस्थानों के लिए लागू होंगे कड़े नियम

बिहार में कोचिंग संस्थानों के मनमाने तौर-तरीकों पर चिंता जताते हुए अशोक चौधरी ने बड़े प्रशासनिक सुधारों का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कोचिंग सेंटरों को एक कड़े कानूनी दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। कोटा (राजस्थान) के एक कोचिंग सेंटर में 2015 में लगी भीषण आग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पटना में भी सेंटर आक्रामक मार्केटिंग करते हैं और सिर्फ 200 की क्षमता वाले कमरों में 500 तक छात्रों को भर देते हैं। वहां पीने के पानी या टॉयलेट की सही व्यवस्था नहीं होती।

अशोक चौधरी ने कॉलेज के समय में कोचिंग क्लास पर रोक लगाने के सरकार के फैसले की तारीफ की। उन्होंने कहा कि छात्र अक्सर सिर्फ रजिस्ट्रेशन के लिए कॉलेजों में दाखिला लेते हैं, जबकि अपना सारा समय कोचिंग सेंटरों में बिताते हैं, जिससे मुख्य शिक्षा व्यवस्था कमजोर होती है। अब इन सेंटरों को नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की तरह सख्ती से रेगुलेट किया जाएगा।